हरिद्वार, 11 सितम्बर ।
अर्धकुंभ मेला-2026 की तैयारियों के बीच हरिद्वार में नवनिर्मित गंगा घाटों के नामकरण को लेकर सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें तेज कर दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी के नेतृत्व में न्यू अंबरीश कुमार विचार मंच के अध्यक्ष सोम त्यागी एवं पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष तरुण व्यास के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे।

न्यू अंबरीश कुमार विचार मंच के अध्यक्ष सोम त्यागी ने मांगपत्र के माध्यम से कहा कि ऋषिकुल स्थित नवनिर्मित गंगा घाट आने वाले समय में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक स्थल बनने जा रहा है। ऐसे में इस घाट का नामकरण “स्वर्गीय श्री अंबरीश कुमार जी गंगा घाट” के नाम पर किया जाना उनके प्रति सम्मान और सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जनसेवा की विरासत को मिले स्थायी पहचान
सोम त्यागी ने कहा कि स्वर्गीय अंबरीश कुमार हरिद्वार के पूर्व विधायक, समाजसेवी और लोकप्रिय जननेता रहे। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में क्षेत्र की जनता के हितों, सामाजिक सरोकारों और जनसेवा को प्राथमिकता दी। हरिद्वार के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में उनके योगदान को आज भी लोग सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा घाट जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल का नामकरण उनके नाम पर होने से उनकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगी। साथ ही, यह घाट केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जनसेवा और सामाजिक सरोकारों की विरासत का प्रतीक भी बन सकेगा।
उत्तराखंड आंदोलनकारियों के नाम पर घाट की मांग
वहीं, पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष तरुण व्यास ने भी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में एक घाट का नामकरण किए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों के संघर्ष और योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे में उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए गंगा तट पर एक घाट को उत्तराखंड आंदोलनकारियों के नाम समर्पित किया जाना ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को राज्य आंदोलन के संघर्ष, त्याग और जनभावना से परिचित कराने का भी माध्यम बनेगा।

घाट के रखरखाव का जिम्मा उठाने का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य विकास अधिकारी को यह भी आश्वासन दिया कि यदि उनकी मांग स्वीकार की जाती है तो घाट के रखरखाव, सौंदर्यीकरण, चेंजिंग रूम सहित आवश्यक व्यवस्थाओं में वे अपने स्तर से सहयोग करेंगे और संबंधित व्यवस्थाओं का खर्च स्वयं वहन करने के लिए तैयार हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि अर्धकुंभ-2026 को ध्यान में रखते हुए घाटों के विकास और नामकरण के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ सामाजिक एवं ऐतिहासिक विरासत को भी उचित सम्मान मिल सके।
इस अवसर पर पहाड़ी महासभा के महामंत्री यशवंत बिष्ट, विवेक त्यागी और अजय नेगी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।