हरिद्वार | 05 नवंबर 2026
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा एवं ईगास-बग्वाल पर्व को देखते हुए जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी रखेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
आतिशबाजी की दुकानों पर रहेगी विशेष निगरानी
डीएम ने निर्देश दिए कि पटाखों एवं आतिशबाजी की दुकानें भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में लगाने की अनुमति दी जाए। दुकानों और गोदामों में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम अनिवार्य होंगे। बिना सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी दुकान को अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही पटाखों की गुणवत्ता की जांच कर अवैध एवं मिलावटी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी कार्रवाई
धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों, आपत्तिजनक तस्वीरों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। डिजिटल माध्यमों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाजारों में अतिक्रमण और यातायात पर भी प्रशासन की नजर
त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों की बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किसी भी साम्प्रदायिक घटना अथवा दुर्घटना की सूचना मिलते ही संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीएम मयूर दीक्षित ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं पुलिस उपाधीक्षकों को त्योहारों से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।