किसान मजदूर संगठन सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा मांग पत्र, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली-पानी और स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार की उठाई मांग…
हरिद्वार, 10 सितंबर 2026।
किसान, मजदूर और युवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर किसान मजदूर संगठन सोसायटी (रजि.) का एक प्रतिनिधिमंडल ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि बहादुर से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए एक विस्तृत मांग पत्र विधायक को सौंपा। विधायक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन मांगों को विधानसभा में मजबूती और प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।
संगठन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में उत्तराखंड के किसानों को सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली एवं पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। संगठन का कहना है कि उत्तराखंड प्राकृतिक जल संसाधनों और जलविद्युत क्षमता से संपन्न प्रदेश है। इसके बावजूद किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं किफायती संसाधन उपलब्ध न होना चिंता का विषय है। किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में भी मदद मिल सकती है।
स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार में प्राथमिकता
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में स्थापित सरकारी, अर्ध-सरकारी एवं निजी उद्योगों में कम से कम 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं एवं बेरोजगारों को रोजगार देने संबंधी शासनादेश को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग भी उठाई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर उद्योग और परियोजनाएं स्थापित हुई हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार के अवसर नहीं मिल पाने से बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। संगठन का कहना है कि प्रदेश के संसाधनों और यहां स्थापित औद्योगिक इकाइयों का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिलना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार में उचित प्राथमिकता मिलती है तो इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा और पहाड़ से होने वाले पलायन पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
विधानसभा में प्रमुखता से उठेंगे किसानों और युवाओं के मुद्दे
मांग पत्र प्राप्त करने के बाद ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि किसानों, मजदूरों और युवाओं से जुड़े इन मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाना आवश्यक है और किसानों एवं युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विधायक के आश्वासन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों को केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सरकार के स्तर पर इनके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा संघर्ष
किसान मजदूर संगठन सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट महक सिंह सैनी ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं के अधिकारों तथा हितों को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनसमस्याओं को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना है, ताकि उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण कुमार सैनी ने विधायक रवि बहादुर द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन को उम्मीद है कि किसानों और युवाओं से जुड़ी इन मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई की सुविधा और युवाओं को रोजगार मिलना प्रदेश के विकास से सीधे जुड़ा विषय है।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई होती है तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसान परिवारों और स्थानीय युवाओं को मिलेगा। साथ ही यह कदम कृषि को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन की चुनौती से निपटने में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
ये रहे प्रतिनिधिमंडल में मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट महक सिंह सैनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण कुमार सैनी, राष्ट्रीय सचिव ब्रह्म सिंह धीमान, राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नवीन मार्या, रुड़की महानगर कमेटी अध्यक्ष सतीश चंद फौजी, खानपुर विधानसभा अध्यक्ष मुनेश पाल, प्रदेश संरक्षक सुबोध कुमार शर्मा, रानीपुर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शर्मा, धीरेंद्र जी, गौरव भार्गव जी, संजय मेहता जी, सुजीत गुप्ता जी एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज सैनी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों, मजदूरों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उसकी मुहिम आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित मंचों पर इन मांगों को मजबूती से उठाया जाएगा।