युवाओं के हुनर को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना होगी प्राथमिकता, बोले—प्रतिभाओं को मिलेगा उचित मंच और अवसर
देहरादून, 01 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद में शोएब अहमद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तराखंड शासन के मंत्रिपरिषद अनुभाग की ओर से 25 सितंबर को जारी आदेश के अनुपालन में शोएब अहमद ने गुरुवार को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। उनके कार्यभार संभालने के अवसर पर समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद शोएब अहमद ने कहा कि परिषद का उद्देश्य केवल हुनर को पहचानना ही नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं को उचित प्रशिक्षण, अवसर, मार्गदर्शन और रोजगार के बेहतर माध्यम उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा और हुनर की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को सही मंच उपलब्ध कराया जाए और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में पारंपरिक हुनर के साथ-साथ युवाओं को तकनीकी शिक्षा, आधुनिक कौशल, स्वरोजगार और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ना बेहद जरूरी है। परिषद के माध्यम से ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे युवा अपने कौशल को आय के साधन में बदल सकें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
शोएब अहमद ने कहा कि हुनर किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत हो सकता है। यदि प्रतिभा को सही दिशा, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो युवा न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में परिषद के माध्यम से युवाओं तक योजनाओं और अवसरों की जानकारी पहुंचाने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा हुनरमंद लोगों को विभिन्न अवसरों से जोड़ने की दिशा में गंभीरता से काम किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि परिषद की योजनाओं और गतिविधियों का लाभ वास्तविक जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
नव नियुक्त उपाध्यक्ष शोएब अहमद ने कहा कि नई जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा जताया कि परिषद के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के हुनर को पहचान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक एवं प्रभावी पहल की जाएगी।