देहरादून, 12 सितम्बर ।
उत्तराखंड के बहुचर्चित UKSSSC की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के तत्कालीन OSD चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ED के अनुसार तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। बरामद घड़ियों में Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में उपलब्ध करीब 52.16 लाख रुपये के क्रेडिट बैलेंस को फ्रीज किया गया है।

ज्ञात आय से संपत्तियों का मिलान जांच के दायरे में
जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी में मिली नकदी, सोना और अन्य संपत्तियों के साथ-साथ कथित तौर पर किए गए बड़े नकद खर्च का उनकी ज्ञात आय से स्पष्ट मिलान नहीं हो पाया है। ED ने चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित लेन-देन तथा परीक्षा प्रकरण से जुड़े संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

OMR हेरफेर से लेकर पैसों के लेन-देन तक जांच
ED की कार्रवाई केवल एक परिसर तक सीमित नहीं रही। एजेंसी ने UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी ली।

जांच का फोकस कथित तौर पर VPDO परीक्षा की OMR शीट में हेरफेर, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और उससे जुड़े अवैध धन के लेन-देन की पूरी कड़ी को सामने लाने पर है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धांधली से अर्जित धन कहां गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे।

उत्तराखंड की सियासत में फिर तेज हुई हलचल
UKSSSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने पहले भी उत्तराखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े किए हैं। अब ED की ताजा कार्रवाई और बड़ी मात्रा में नकदी, सोना तथा महंगी घड़ियों की बरामदगी ने इस पुराने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

हालांकि, ED की जांच अभी जारी है और बरामदगी अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की जांच, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

फिलहाल ED की कार्रवाई से उत्तराखंड के चर्चित VPDO परीक्षा धांधली प्रकरण की जांच एक नए और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है।

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