देहरादून,17 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब सार्वजनिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर रेखा आर्य ने अपने पति पर उत्पीड़न, जालसाजी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, वहीं दूसरी ओर गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर इन आरोपों को निराधार बताया है।
“रेखा को सड़क से उठाकर मंत्री बनवाया” — गिरधारी लाल साहू
गिरधारी लाल साहू ने अपने वीडियो में रेखा आर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें मंत्री पद का घमंड हो गया है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार किए गए हैं। उनके मुताबिक, इन ऑडियो के माध्यम से उन्हें बदनाम करने और उनके परिवार में विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और सोमेश्वर की जनता उनकी राजनीतिक भूमिका से परिचित है। इसी दौरान उन्होंने दावा किया, “रेखा को सड़क से उठाकर मंत्री बनवाया।” साथ ही उन्होंने रेखा आर्य पर कथित भ्रष्टाचार के जरिए करीब 210 करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, बोले—सुनवाई नहीं हुई तो दूंगा धरना
गिरधारी लाल साहू ने एक अन्य वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री से अपनी बात सुनने की अपील की। खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री आवास पर धरना देंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही। उनका दावा है कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
रेखा आर्य ने लगाए गंभीर आरोप, कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज
इससे पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने पति पर उत्पीड़न, जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उनकी शिकायत के आधार पर देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रेखा आर्य ने अपने पति के कथित विवाह और विवाहेतर संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह भावुक दिखाई दीं। इसी बीच तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
जांच पर टिकी निगाहें
मामले में अब दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। रेखा आर्य ने पुलिस से शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।