हरिद्वार, 05 सितंबर 2026।
जनपद उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के ग्राम ब्यांली, पट्टी बनाल के मूल निवासी एवं वर्तमान में कुंआवाला निवासी डॉ. चंद्र लाल भारती को सामाजिक सरोकार, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय तथा वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए “राष्ट्र रत्न सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित Constitution Club में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान से डॉ. भारती के साथ-साथ उत्तरकाशी जनपद और नौगांव क्षेत्र का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अपनी मेहनत, संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी सेवा के साथ सामाजिक सरोकारों में सक्रिय
डॉ. चंद्र लाल भारती वर्तमान में लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार में सिविल इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। तकनीकी एवं सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने के साथ-साथ वे लंबे समय से सामाजिक विषयों को लेकर सक्रिय रहे हैं। समाज में समानता, सामाजिक न्याय, मानव गरिमा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
उनका मानना है कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी न्याय, सम्मान और अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी सोच के साथ वे वंचित और कमजोर वर्गों से जुड़े विषयों को सामने लाने तथा लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
ग्राम ब्यांली जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होना डॉ. भारती की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ उनके गांव और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा, संघर्ष और निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और सरकारी सेवा में रहते हुए सामाजिक सरोकारों को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल रखा।
उनकी इस उपलब्धि की जानकारी क्षेत्र में पहुंचते ही ग्राम ब्यांली सहित पट्टी बनाल, नौगांव क्षेत्र और उत्तरकाशी जनपद में खुशी की लहर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि डॉ. भारती की उपलब्धि यह संदेश देती है कि ग्रामीण परिवेश से आने वाला व्यक्ति भी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।
“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, समाज के संघर्ष का सम्मान है”
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. चंद्र लाल भारती ने कहा कि “राष्ट्र रत्न सम्मान” उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के संघर्ष और प्रयासों का सम्मान है, जो समानता, न्याय और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद लोगों की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाना प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें सामाजिक कार्यों के प्रति और अधिक जिम्मेदारी, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
क्षेत्रवासियों ने जताया हर्ष
डॉ. चंद्र लाल भारती को राष्ट्र रत्न सम्मान 2026 मिलने पर क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। लोगों ने कहा कि डॉ. भारती की उपलब्धि ने उत्तरकाशी की ग्रामीण पृष्ठभूमि को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाने का काम किया है।
शुभचिंतकों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान डॉ. भारती को सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और वंचित वर्गों के हितों के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने की प्रेरणा देगा। साथ ही उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवाओं को शिक्षा, संघर्ष, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।