तीर्थनगरी की मर्यादा और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राष्ट्रीय सावक मंच ने भरी हुंकार, सैकड़ों युवाओं व मातृशक्ति ने लिया नशे के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प…
हरिद्वार, 06 सितंबर 2026।
तीर्थनगरी हरिद्वार की मर्यादा को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने और युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से दूर रखने के उद्देश्य से रविवार, 6 सितंबर को राष्ट्रीय सावक मंच की ओर से एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। सेवा समिति भवन, हरिद्वार में आयोजित इस गोष्ठी में भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों युवाओं, मातृशक्ति और स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी देखने को मिली।
लगातार हो रही बारिश भी लोगों के हौसले को नहीं रोक सकी। बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। आयोजन में उमड़ी भीड़ को तीर्थनगरी में नशे के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ बढ़ती जनचिंता और आक्रोश के रूप में देखा गया।

कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सावक मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने किया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हरिद्वार केवल एक शहर नहीं, बल्कि देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में तीर्थनगरी में नशे का बढ़ता प्रभाव गंभीर चिंता का विषय है। वक्ताओं ने युवाओं को नशे से बचाने, परिवारों को जागरूक करने और समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
गणमान्य लोगों की रही गरिमामय उपस्थिति
गोष्ठी में शिक्षाविद एवं एसएम जैन पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अशोक मिश्र, उदासीन अखाड़े के सचिव रघुवीर दास महाराज, वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सभासद डॉ. सत्यनारायण शर्मा, बार काउंसिल सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष त्यागी, पूर्व सभासद दिनेश जोशी, बृजभूषण विद्यार्थी, जेपी बडोनी, पंडित अधीर कौशिक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जनसमर्थन को बताया बदलाव की शुरुआत
शिक्षाविद डॉ. अशोक मिश्र ने कहा कि चंद्रमोहन कौशिक के नेतृत्व में भारी बारिश के बीच भी जिस तरह लोग एकजुट होकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि हरिद्वार को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जनजागरण की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समाज को एकजुट होकर सकारात्मक भूमिका निभानी होगी।
उदासीन अखाड़े के सचिव रघुवीर दास महाराज ने कहा कि चंद्रमोहन कौशिक लंबे समय से हरिद्वार की जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में संत समाज की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. सत्यनारायण शर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष त्यागी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी की पहचान और युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर लगातार अभियान चलाने की आवश्यकता है।
“आपका स्नेह ही हमारी सबसे बड़ी ताकत”
राष्ट्रीय सावक मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारी बारिश के बावजूद जिस उत्साह के साथ युवा, मातृशक्ति और आम नागरिक कार्यक्रम में पहुंचे, वह नशे के खिलाफ समाज की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी की मर्यादा और युवाओं के भविष्य की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे के खिलाफ जनजागरूकता को गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
सैकड़ों लोगों ने लिया नशा मुक्त हरिद्वार का संकल्प
गोष्ठी के समापन पर उपस्थित सैकड़ों युवाओं, मातृशक्ति और नागरिकों ने हरिद्वार को नशा मुक्त बनाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान नशे के खिलाफ सामाजिक एकजुटता और निरंतर जनजागरण अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सावक मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, महामंत्री विशाल यादव, शरद अग्रवाल, शिवम कौशिक, अनिल सिंघल, नवीन भाटिया, गोपाल दास गोस्वामी, तरुणा चोपड़ा, रश्मि पेवाल, सपना शर्मा, विनय शर्मा, संजय संतोषी, सोनम वशिष्ठ, सरिता मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
भारी बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश जरूर दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई अब केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देकर युवाओं के भविष्य और तीर्थनगरी की पहचान की रक्षा के लिए लगातार आगे बढ़ाया जाना चाहिए।