उत्तराखंड: ऋषिकेश प्रीति रावत को गोली मार हत्या करने वाला सुरेश गुप्ता गिरफ्तार..

उत्तराखंड के ऋषिकेश में एम्स की आउटसोर्स कर्मचारी प्रीति रावत की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुरेश गुप्ता (40) को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया था।
पुलिस के अनुसार, घटना 31 जनवरी की रात करीब 9 से10 बजे की है। मूल रूप से यमकेश्वर निवासी, तलाकशुदा 32 वर्षीय प्रीति रावत ऋषिकेश के शिवाजी नगर (गली नंबर-16) में किराए के मकान में अकेली रहती थीं और एम्स ऋषिकेश में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं।
आरोपी सुरेश गुप्ता मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचा, दरवाजा खुलवाया और जालीदार दरवाजे के भीतर से सीधे सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था।
प्रेम संबंध और संपत्ति विवाद
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आरोपी और मृतका के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। सुरेश ने प्रीति से विवाह के लिए अपनी पत्नी से तलाक भी ले लिया था और लक्सर में स्थित अपनी पैतृक संपत्ति करीब 35 लाख रुपये में बेच दी थी।
हालांकि, ऋषिकेश में घर खरीदने को लेकर प्रीति और उसके परिजनों के दबाव के चलते दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। घर न खरीद पाने की झुंझलाहट और मानसिक तनाव में आकर सुरेश ने हत्या जैसा घातक कदम उठाया।
सहारनपुर से गिरफ्तारी, हथियार बरामद
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार किया। हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला सोची-समझी साजिश प्रतीत हो रहा है।
राजनीतिक रसूख की चर्चा, जांच में पुष्टि नहीं
घटना के बाद सोशल मीडिया पर आरोपी सुरेश गुप्ता की कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हुईं, जिससे उसके राजनीतिक रसूख को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल से उसकी संबद्धता की पुष्टि नहीं हुई है और जांच में कोई राजनीतिक एंगल सामने नहीं आया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।