हरिद्वार के कोतवाली नगर क्षेत्र में साधु की हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना 21 अप्रैल 2026 को रोडीबेलवाला चौकी क्षेत्र स्थित दीनदयाल पार्किंग अंडरपास के पास सामने आई, जहां एक अज्ञात साधु गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल साधु को जिला अस्पताल हरिद्वार पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, जिसके चलते पुलिस ने खुद वादी बनकर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर गठित टीमों ने डिजिटल और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए तेजी से सुराग जुटाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग की ओर गया है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में पाया, जो पूछताछ में घबरा गया और अपना अपराध कबूल कर लिया।
आरोपी की पहचान दीपक थापा (43 वर्ष), निवासी लुम्बिनी, नेपाल के रूप में हुई है। उसने बताया कि कुछ दिन पहले सोने की जगह को लेकर हुए विवाद के चलते वह बदला लेना चाहता था। घटना की रात मंगलवार नशे की हालत में उसने पहले बांस के डंडे और फिर पत्थर से वार कर साधु की हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, मृतक की पहचान के प्रयास लगातार जारी हैं।
कोतवाली नगर पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, व0उ0नि0 गोपाल दत्त भट्ट, उ0नि0 नवीन नेगी, है0का0 सतीश नोटियाल, है0का0 सतेंद्र कुमार व का0 अजीत तोमर शामिल रहे।