देहरादून, 25 सितंबर।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने आज देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग कार्यालय/सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक जांच की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची में नामों के विलोपन को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं।

गणेश गोदियाल और हरीश रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और मांग की कि मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं, जबकि उत्तराखंड में आगामी चुनावी प्रक्रिया को देखते हुए मतदाता सूची को लेकर विशेष संवेदनशीलता की जरूरत है।

उत्तराखंड में SIR के दौरान Form-7 के जरिए 1.3 लाख से अधिक नाम हटाने के अनुरोध सामने आने की रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है। वहीं, राज्य के CEO कार्यालय के अनुसार 1.73 लाख Form-7 आवेदनों में से 95 हजार से अधिक को दस्तावेज उपलब्ध न कराने या सुनवाई में उपस्थित न होने के कारण ‘ineligible’ श्रेणी में रखा गया है; ऐसे मतदाताओं को Form-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने का विकल्प बताया गया है।

‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, स्वतंत्र जांच हो’
कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर 25 सितंबर को सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया था। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने, उनकी गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में हुए निर्णयों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।

देहरादून के प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने इसी मांग को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, आर्येंद्र शर्मा, लालचंद शर्मा, पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रदेश सचिव राकेश वालिया, मनोज धनकरा तथा हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय की ओर कूच करते हुए प्रदर्शन किया और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
आगामी चुनावों से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तराखंड में SIR को लेकर यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
ऐसे में कांग्रेस का यह प्रदर्शन केवल तत्काल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी इसे आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जोड़कर देख रही है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक SIR से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और मतदाता सूची में हुए बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।