हरिद्वार, 05 सितंबर 2026।
खनन परिवहन से जुड़े वाहन स्वामियों और ट्रांसपोर्टरों की ई-चालान, ब्लैकलिस्टिंग, ई-रवन्ना, नो-एंट्री और चेकपोस्ट से संबंधित समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से कई बार वैध खनन परिवहन करने वाले वाहन भी अनावश्यक परेशानी में फंस जाते हैं। वाहन स्वामियों ने चेकपोस्ट रिकॉर्ड, ई-रवन्ना और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन करने तथा तकनीकी कारणों से उत्पन्न समस्याओं में राहत देने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे।
जिला खनन अधिकारी अमित गौरव से मीडिया ने संपर्क का किया प्रयास, नहीं हो सका संवाद
मामले को लेकर MH7 न्यूज़ व गंगा न्यूज़ 24 मीडिया द्वारा जिला खनन अधिकारी अमित गौरव से भी उनका पक्ष जानने के लिए मुलाकात का प्रयास किया गया। परन्तु अधिकारी कार्यालय की सीट पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी से फोन पर भी बातचीत नहीं हो सकी। ऐसे में मामले पर खनन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका।
चालान वाले वाहनों का विवरण भी किया गया प्रस्तुत
ट्रांसपोर्टरों ने अपनी समस्याओं के साथ-साथ जिन वाहनों के चालान किए गए हैं, उन वाहनों का विवरण भी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। वाहन स्वामियों का कहना है कि संबंधित वाहनों के चालान और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए तथा यदि तकनीकी अथवा प्रशासनिक कारणों से कार्रवाई हुई है तो नियमानुसार उसका समाधान किया जाए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से चेकपोस्ट पर ई-चालान एवं ई-रवन्ना सत्यापन में होने वाली देरी, चालान जारी होते ही वाहन स्वामी को SMS/डिजिटल सूचना उपलब्ध कराने, नो-एंट्री अवधि को ई-रवन्ना की वैधता में समायोजित करने, एक वाहन में अलग-अलग खनन सामग्री के लिए पृथक रॉयल्टी/ई-रवन्ना की सुविधा तथा पुराने ई-रवन्ना की मूल प्रति की बाध्यता समाप्त कर डिजिटल रिकॉर्ड को सत्यापन का आधार बनाने की मांग की गई।
इसके अलावा ब्लैकलिस्टिंग से पहले वाहन स्वामी को सूचना एवं अपना पक्ष रखने का अवसर देने तथा तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से वैध परिवहन करने वाले वाहनों पर अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई न करने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान माइनिंग ट्रांसपोर्टर राधेश्याम शर्मा, राहुल प्रजापति, जीवाराम, प्रवीण, गब्बर, मोहसीन, विजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, रोहन मेहता, सादाब, दिलशाद, नौसाद, फैजल, सहित अन्य वाहन स्वामी एवं ट्रांसपोर्टर शामिल रहे।
वाहन स्वामियों का कहना है कि व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार से विभागीय कार्यप्रणाली सुचारु होने के साथ-साथ वैध परिवहन करने वाले वाहन स्वामियों को अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिल सकेगी।