कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2027 विधानसभा चुनाव का किया शंखनाद, भाजपा-आरएसएस पर जमकर बरसे; रैली से पहले बसें रोके जाने पर कांग्रेसियों का एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन…
हल्द्वानी, 8 अगस्त।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में रविवार को कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के दौरान सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहुंचने से पहले रैली में शामिल होने आ रही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसों को अलग-अलग बॉर्डर पर रोके जाने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में एसपी जगदीश चंद्र के आश्वासन और वाहनों को न रोकने के निर्देश के बाद मामला शांत हुआ।
इसके बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहुंचकर आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया। रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुरदीप सप्पल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मैदान में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी।
मंच से भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला
रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आजादी के आंदोलन के इतिहास का जिक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस से सवाल किया कि ऐसा कौन-सा नेता है, जो देश की आजादी के लिए जेल गया हो।
खड़गे ने आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन के दौरान कांग्रेस के नेताओं ने संघर्ष किया, जबकि भाजपा के नेता उस दौर में अंग्रेजों के सामने झुके हुए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश की आजादी से लेकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तक का लंबा इतिहास रहा है।
संविधान के मुद्दे पर राहुल गांधी का किया जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने संविधान को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान बचाने के मुद्दे को लेकर पूरे देश में पदयात्रा की, जबकि भाजपा पर उन्होंने संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और आने वाले चुनाव में जनता के सामने इन्हीं मुद्दों को लेकर जाएगी।
उत्तराखंड सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप
खड़गे ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर तंज कसा कि उसके पास एक ऐसी ‘वॉशिंग मशीन’ है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेताओं को डालने के बाद उन्हें साफ कर पार्टी में शामिल कर लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी देने में किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार की जरूरत नहीं होगी। मेरिट और पारदर्शी व्यवस्था के आधार पर रोजगार देने का दावा करते हुए उन्होंने युवाओं से कांग्रेस के साथ जुड़ने का आह्वान किया।
युवाओं के आंदोलन और कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
जंतर-मंतर पर युवाओं के धरने का जिक्र करते हुए खड़गे ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की गई।
उन्होंने बद्रीनाथ, केदारनाथ और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
रैली से पहले बसें रोके जाने पर कांग्रेसियों का प्रदर्शन
वहीं, खड़गे की रैली शुरू होने से पहले ही हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर नजर आया। रैली में शामिल होने के लिए अलग-अलगस्थानों से आ रही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसों को बॉर्डर पर रोके जाने की सूचना से कार्यकर्ता नाराज हो गए।
आक्रोशित कांग्रेसियों ने एसएसपी कार्यालय का रुख किया और वहां पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने वाहनों को रोके जाने पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और तत्काल बसों को आगे जाने देने की मांग की।
मामला बढ़ता देख एसपी जगदीश चंद्र ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया और वाहनों को नहीं रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और रैली में शामिल होने के लिए आगे रवाना हुए।
रैली से साफ हुआ कांग्रेस का चुनावी एजेंडा
हल्द्वानी की विजय शंखनाद रैली में एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन हुआ, तो दूसरी तरफ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा सरकार को घेरते हुए रोजगार, भ्रष्टाचार, संविधान और लोकतंत्र जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडे के केंद्र में रखा।
रैली से कांग्रेस ने उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। अब देखना होगा कि हल्द्वानी से फूंका गया यह विजय शंखनाद आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए कितना सियासी असर पैदा करता है।