“उत्तराखंड में राहुल गांधी के दौरे से बीजेपी सरकार में बड़ी बेचैनी”…
देहरादून, 18 जुलाई।
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का शुक्रवार को उत्तराखंड दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम रहा। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कारन महरा ,नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
एयरपोर्ट से राहुल गांधी का काफिला सीधे देहरादून के लिए रवाना हुआ। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। देहरादून पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले हाल ही में दिवंगत हुए कांग्रेस नेता अमर मेहता के आवास पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद राहुल गांधी रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंचे, जहां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मौसम खराब होने और लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा, कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग कार्यक्रम में डटे रहे। बारिश के बीच ही राहुल गांधी ने अपना पूरा कार्यक्रम निर्धारित समय तक जारी रखा और छात्रों से सीधा संवाद किया।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देश की परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में 152 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे करीब 7.5 करोड़ युवाओं पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनके करियर और देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के साथ चार बड़े अन्याय हो रहे हैं—शिक्षा महंगी होती जा रही है, रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में सीमित चयन हो रहा है और सबसे गंभीर समस्या पेपर लीक है, जो मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ रहा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और त्वरित सजा नहीं मिलने से ऐसे गिरोह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी के पूरे दौरे के दौरान एयरपोर्ट से लेकर अमर मेहता के आवास और बन्नू स्कूल ग्राउंड तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। छात्र कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस सहित पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद रहे।
राजनीतिक दृष्टि से इस दौरे को कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि बारिश के बावजूद कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ युवाओं और जनता के बढ़ते समर्थन का संकेत है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक मजबूती के रूप में भी देखा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा इस तरह के दावों से सहमत नहीं है और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की बात कह रही है।