हरिद्वार, 18 जुलाई 2026।
कांग्रेस ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड सरकार को चारधाम मंदिरों में चढ़ावे की पारदर्शिता, आगामी कुंभ मेले की तैयारियों, सतीकुंड विकास कार्यों और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे कई मुद्दों पर घेरते हुए जवाब मांगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सरकार को पिछले दस वर्षों का पूरा वित्तीय ब्यौरा जनता के सामने रखना चाहिए। कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार व आरएसएस के खिलाफ सीधा निशाना साधा

आलोक शर्मा ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद अब केवल एक मंदिर तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि चारों धाम में पिछले दस वर्षों के दौरान प्राप्त दान, उसके उपयोग और विकास कार्यों का डेटवार एवं मदवार श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) जारी किया जाए। साथ ही इस पूरे मामले की निगरानी के लिए एक संयुक्त समिति बनाई जाए, जिसमें कांग्रेस, भाजपा, प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ किसी सिटिंग जज की निगरानी भी हो, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।

कांग्रेस ने आगामी अर्धकुम्भ (कुंभ) मेले की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए। आलोक शर्मा ने कहा कि कुंभ को लेकर सरकार बड़े बजट की घोषणा कर रही है, लेकिन धरातल पर कई प्रमुख सड़कें अभी भी टूटी हुई हैं, अनेक निर्माण कार्य अधूरे हैं और कई क्षेत्रों में हल्की बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। उनका कहना था कि कुंभ का उद्देश्य केवल अस्थायी सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में स्थायी आधारभूत ढांचे का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के नाम पर मिलने वाली धनराशि का उपयोग स्कूल, सड़क, अस्पताल, पार्किंग, जल निकासी और अन्य स्थायी विकास कार्यों पर दिखाई देना चाहिए।

हरिद्वार सतीकुंड विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि परियोजनाओं की लागत में भारी वृद्धि हुई है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किस एजेंसी ने डीपीआर तैयार की, किस कंपनी को कार्य आवंटित किया गया, किस आधार पर भुगतान किया जा रहा है तथा गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सतीकुंड परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक करे और इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू होने की सूचनाएं मिल रही हैं। पार्टी ने मांग की कि सभी कार्य केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के तहत ही कराए जाएं और किसी भी कार्य की शुरुआत विधिवत निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो। साथ ही प्रत्येक परियोजना की नियमित तकनीकी और वित्तीय निगरानी सुनिश्चित की जाए।

रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि उत्तराखंड के बजट से होने वाले कार्यों में स्थानीय ठेकेदारों और कंपनियों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि कुंभ से प्रदेश के युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिले। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध किसी राज्य या कंपनी से नहीं, बल्कि स्थानीय हितों की अनदेखी और पारदर्शिता के अभाव से है।

आलोक शर्मा ने देश के विभिन्न प्रमुख मंदिरों में चोरी और दान से जुड़े मामलों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण आंदोलन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को उसका सम्मान करना चाहिए।

कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि चारधाम, कुंभ और सतीकुंड परियोजनाओं से जुड़े खर्चों का श्वेत पत्र जारी नहीं किया गया, संयुक्त निगरानी समिति का गठन नहीं हुआ और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि कुंभ और चारधाम आस्था के विषय हैं, इसलिए इनसे जुड़े प्रत्येक रुपये का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए और विकास कार्य पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ होने चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा, मोहन राणा, राजेश मिश्रा भी मौजूद रहे।

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