देहरादून/बदरीनाथ,18 जुलाई 2026।
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में एक और अहम कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने उनसे करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अब जांच एजेंसी उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।

गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने राजेंद्र सिंह चौहान से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान जांच टीम को विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा, महंगी केसर तथा अन्य सामग्री बरामद हुई है। एसआईटी ने पुष्टि की है कि विदेशी मुद्रा और केसर सहित कुछ अन्य वस्तुएं बरामद की गई हैं। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि इन वस्तुओं का कथित चढ़ावा अनियमितता मामले से कोई संबंध है या नहीं तथा इन्हें किन परिस्थितियों में रखा गया था।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ मामला
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों के आरोप सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। मामला तूल पकड़ने पर उत्तराखंड सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।

तीन सदस्यीय समिति ने दी थी रिपोर्ट
राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने जैसी सिफारिशें शामिल थीं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में इससे पहले BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। वहीं, चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया था।

पुराने CCTV फुटेज भी खंगाल रही SIT
एसआईटी अब पुराने सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कर रही है। डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने के प्रयास भी जारी हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कई और अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं, जिससे जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

जांच जारी, सभी पहलुओं की होगी पड़ताल
एसआईटी का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष व तथ्यात्मक जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस कथित अनियमितता में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर पूरे उत्तराखंड सहित देशभर के श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है। लोगों की अपेक्षा है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर पूरी हो, ताकि सच्चाई सामने आए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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