हरिद्वार, 6 जुलाई।
मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना को लेकर ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम क्षेत्र में रह रहे परिवारों और व्यापारियों के बीच बनी शंकाओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के समक्ष स्थानीय लोगों की चिंताओं को विस्तार से रखा और किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित परिवारों को विश्वास में लेने की मांग की।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोम त्यागी और मनोज सैनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि स्थानीय लोगों का मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना का विरोध नहीं है, लेकिन संस्थान के निर्माण को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाओं के कारण क्षेत्र में रहने वाले परिवारों और व्यापारियों में असमंजस और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करे और उनकी भावनाओं एवं हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम परिसर में शोध संस्थान स्थापित किए जाने की कोई प्रस्तावित योजना नहीं है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई योजना बनाई जाती है, तो सबसे पहले वहां निवास कर रहे परिवारों, व्यापारियों और संबंधित पक्षों से विस्तृत वार्ता की जाएगी। सभी को विश्वास में लेने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मिले इस आश्वासन को स्थानीय लोगों के लिए राहत भरा बताया और कहा कि वे क्षेत्रवासियों की समस्याओं और हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में जवाहर चावला, मनोज जाटव, ऋषिकुल क्षेत्र से कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी रहे समर्थ अग्रवाल, मुकुल, श्याम पेंटर, नवीन, विमल कुमार, कमल सैनी, कमल शर्मा, हिमेश अरोड़ा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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