हरिद्वार, 6 जुलाई।
आगामी कांवड़ मेले को लेकर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा, हरिद्वार की ओर से शिवभक्तों के लिए “भगवान शिव की कांवड़ उठाने के नियम” जारी किए गए। साथ ही अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के संयोजन में मालवीय घाट पर गंगा पूजन कर कांवड़ मेला सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न होने की प्रार्थना की गई। इस दौरान अखाड़े के विद्यार्थियों एवं सदस्यों ने भी सहभागिता कर शिवभक्तों से धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने का आह्वान किया।
पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि कांवड़ मेला सनातन परंपराओं, श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिवभक्त घर से निकलने से पहले बहनों से तिलक कराएं, बड़ों का आशीर्वाद लें और संकल्प के साथ हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल भरें। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि पूरी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का नशा न करें, केवल शुद्ध सात्विक एवं वैष्णव भोजन ग्रहण करें तथा दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
उन्होंने कहा कि कांवड़ को सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ रखें। यात्रा के दौरान धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें, कांवड़ को अशुद्ध स्थानों पर न रखें तथा गुलर के पेड़ के नीचे से कांवड़ लेकर न गुजरें। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा पूरी होने के बाद घर पहुंचकर सत्यनारायण भगवान की कथा कराएं और कांवड़ के धागे को विधिवत खुलवाएं।
अखाड़े की ओर से जारी आचार-संहिता में श्रद्धालुओं से देवी-देवताओं के स्वरूप का मनोरंजन या सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक उपयोग न करने, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान बनाए रखने तथा अपनी कांवड़ पर सनातन धर्म की पहचान स्वरूप भगवा ध्वज लगाने की अपील की गई है। साथ ही यात्रा के दौरान फिल्मी गीतों के स्थान पर शिव भजन एवं “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से कांवड़ यात्रा संपन्न करने का आग्रह किया गया।
इस अवसर पर स्वामी कार्तिक गिरी, आचार्य विष्णु, ऋषि शर्मा, रामकुमार शर्मा, रोहित शर्मा, विष्णु गौड़, संजू अग्रवाल, अमित कुमार, कुलदीप शर्मा, संजय शर्मा, यशपाल शर्मा, चमन गिरी, रमेश कुमार, आदि कुमार, प्रदीप कौशिक, रुपेश कौशिक, अमित कुमार सहित अखाड़े के अनेक पदाधिकारी, विद्यार्थी एवं सदस्य उपस्थित रहे।