“बेटी बचाओ अभियान के तहत सख्ती, नियमों की अनदेखी पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर गिरी गाज”

मंगलौर,झबरेड़ा, 06 जून।
हरिद्वार जिले में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत जिला एवं राज्य स्तरीय संयुक्त टीम ने मंगलौर और झबरेड़ा क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र पर अल्ट्रासाउंड फॉर्म-एफ, अल्ट्रासाउंड रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का रखरखाव नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा चिकित्सक का नाम भी निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं किया गया था। गर्भवती महिलाओं के फॉर्म अधूरे पाए गए तथा अल्ट्रासाउंड के लिए चिकित्सकों द्वारा किए गए रेफरल संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
संयुक्त टीम द्वारा पूछताछ किए जाने पर केंद्र संचालक और चिकित्सक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने केंद्र में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल सील कर दिया तथा अल्ट्रासाउंड सेवाओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया।
वहीं, मंगलौर क्षेत्र स्थित संतोष क्लिनिक के निरीक्षण में भी कुछ अल्ट्रासाउंड बिना चिकित्सकीय रेफरल के किए जाने की बात सामने आई। इस पर टीम ने क्लिनिक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
कार्रवाई में राज्य नोडल अधिकारी डॉ. जे.एस. बिष्ट, अतिरिक्त निदेशक डॉ. उमा रावत, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, राज्य विधिक सलाहकार एडवोकेट अवधेश कुरियाल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ ब्रांड एम्बेसडर मनु शिवपुरी समेत स्वास्थ्य विभाग और पीसीपीएनडीटी टीम के अन्य अधिकारी शामिल रहे।