हरिद्वार/ऋषिकेश , 13 मई 2026।
देश की सरहदों पर दुश्मनों के बंकर में घुसकर जान की बाज़ी लगाने वाले एक सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक राय सिंह बिष्ट पर सोमवार, दिनांक 11 मई देर रात 12 बजे उनके ही घर में आधी रात को बाहरी गुंडों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि देश के सम्मान और सुरक्षा बलों के गौरव पर हमला है।

जब पीड़ित पूर्व सैनिक राय सिंह बिष्ट श्यामपुर पुलिस चौकी पहुंचे तो पुलिस ने गंभीर धाराओं की बजाय हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर केवल खानापूर्ति कर दी। ऐसी धाराओं में आरोपी आसानी से एक ही दिन में कोर्ट से जमानत पर छूट जाएंगे।
सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है ,कि देहरादून के ऋषिकेश क्षेत्र की पुलिस राजनीतिक दबाव में दिखाई दे रही है। घटना के 24 घंटे बाद भी कल मंगलवार,दिनांक 12 मई को मुख्य आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं हो सकी और न ही गिरफ़्तारी।
रात 12 बजे के बाद किसी के घर में घुसकर हमला करना, जान से मारने की कोशिश करना और परिवार में दहशत फैलाना बेहद गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में हत्या के प्रयास सहित कठोर धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। यदि एक सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है ?
अब इस घटनाक्रम से प्रश्न यह उठता है कि – आखिर पुलिस प्रशासन वास्तविक अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है ? क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव है ? सुदेश भट्ट जी ने कहा की- “प्रदेशभर में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ लगातार हो रहे दुर्व्यवहार पर अब चुप नहीं बैठा जाएगा।”
सुदेश भट्ट ने अपने फेसबुक अकाउंट पर यह पोस्ट करते हुए कहा की – ” मैं पूर्व सैनिक होने के नाते ऋषिकेश पुलिस प्रशासन, शामपुर चौकी इंचार्ज, कोतवाल और सीओ ऋषिकेश से मांग करता हूं कि आरोपियों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल जेल भेजा जाए। यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उत्तराखंड क्रांतिकारी दल का सैनिक संगठन अपने योद्धा साथी को न्याय दिलाने के लिए देहरादून कूच करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।”
देश के सैनिकों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब अन्याय और अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति नहीं चलेगी।