ABVP के प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन का आश्वासन, छात्रों के भविष्य को नुकसान न होने देने का दावा…

हरिद्वार, 11 मई 2026।
रोहालकी किशनपुर स्थित केयर कॉलेज में जीएनएम पाठ्यक्रम को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहा छात्रों का गतिरोध मंगलवार सांयकालीन को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में समाप्त हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों को गलत जानकारी देकर प्रवेश दिलाने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान परिषद कार्यकर्ताओं की कॉलेज प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों का आरोप था कि कॉलेज ने जीएनएम पाठ्यक्रम की मान्यता और आईएनसी (Indian Nursing Council) से संबंधित जानकारी स्पष्ट नहीं दी, जिससे अब उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सचिन कुमार, सीओ सदर संजय चौहान, बहादराबाद थानाध्यक्ष अमरपाल सिंह और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुँवर रमेश सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक मध्यस्थता के बाद छात्र प्रतिनिधियों और कॉलेज प्रबंधन के बीच वार्ता हुई, जिसमें एबीवीपी के जिला संगठन मंत्री अमन सिंह तोमर भी मौजूद रहे।

लंबी बातचीत के बाद कॉलेज प्रशासन ने लिखित और मौखिक रूप से छात्रों को आश्वस्त किया कि यदि किसी भी विद्यार्थी को शैक्षणिक या भविष्य संबंधी कोई नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन स्वयं वहन करेगा और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

एबीवीपी जिला संगठन मंत्री अमन सिंह तोमर ने कहा कि विद्यार्थियों को गलत जानकारी देकर प्रवेश दिलाना अत्यंत गंभीर विषय है। यदि किसी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ तो विद्यार्थी परिषद चुप नहीं बैठेगी। परिषद हमेशा छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।

वहीं छात्र विशाल ने कहा कि प्रवेश के समय उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके कारण अब भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने छात्रों की आवाज उठाने के लिए एबीवीपी का आभार जताया।

उधर कॉलेज प्रशासन ने अपने पक्ष में कहा कि केयर कॉलेज पिछले 14 वर्षों से नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और यहां से पढ़े छात्र देश-विदेश में विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि जीएनएम पाठ्यक्रम राज्य सरकार, उत्तराखंड स्टेट मेडिकल फैकल्टी और उत्तराखंड स्टेट नर्सिंग काउंसिल की स्वीकृति के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

कॉलेज प्रशासन ने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बाहरी राज्यों के कुछ छात्रों को भ्रमित कर यह गलत जानकारी दी गई कि कॉलेज आईएनसी से संबद्ध नहीं है, जबकि जीएनएम पाठ्यक्रम के लिए राज्य सरकार की मान्यता ही आवश्यक होती है। प्रबंधन ने कहा कि उनका संस्थान पूरी तरह सरकारी नियमों के तहत संचालित है और छात्रों के हित सुरक्षित हैं।

इस दौरान सूर्या प्रताप राणा, अभिजीत पाल, आशीष त्रिपाठी, पीयूष मलिक टाटा, शुभम सहित विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।

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