हरिद्वार , 27 अप्रैल।
तेरह वर्ष की नाबालिग लड़की का अपहरण कर शादी का झांसा देकर कई बार यौनशोषण करने के मामले में अपर जिला जज एफटीएससी न्यायाधीश चंद्रमोनी राय ने आरोपी युवक को दोषी पाते हुए बीस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता ने बताय कि 12 फरवरी 2022 को हरके पीड़ी क्षेत्र में पीड़िता रोजाना की तरह यात्रियों को टीका लगाने का काम घाट पर किया करती थी , वहीं गंगाजल और फूल बेचने वाला एक युवक जो बिहार का रहने वाला है , पीड़िता को शादी का झांसा देकर बहेला – फुसला कर पटना के एक गांव में ले गया। काफी तलाश करने पर दोनों का कोई पता नहीं चला।
घटना के पांचवे दिन पांच दिन बाद पीड़िता के माता ने आरोपी सागर कुमार निवासी ग्राम इमली बाग साधोराम थाना ग्राम पटना जिला बिहार के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
घटना में करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने आरोपी सागर को रेलवे स्टेशन पर तड़के गिरफ्तार कर उसे कब्जे में उसके कब्जे से पीड़िता को बरामद कर लिया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी सागर उसे गांव में ले जाकर शादी कर पत्नी की तरह रखता रहा और उसके साथ कई बार यौनशोषण करता रहा पुलिस ने आरोपी सागर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने विवेचनाओं के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए दोनों पक्षों के साक्ष्य और बहस को सुनने के बाद न्यायालय में आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये का दंड की सजा मिली । दंड राशि जमा ना कराने पर आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा।
विचारण न्यायालय में राज्य सरकार पीड़ित को राज्य सरकार को पीड़ित लड़की को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक आघात को देखते हुए चार लाख रुपये मुआवजे राशि एवं एक माह के भीतर प्रदान करने के आदेश दिए साथ ही अभियोगी की प्रति जिला मजिस्ट्रेट तथा जिला वैित्तिक सेवा प्राधिकरण प्रांहीकरण को भेजते हुए पीड़िता को प्रतिक्रिया राशि दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सूचि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए