देहरादून में गैस एजंसी संचालक के मर्डर के खुलासे ने लोगों को सन्न कर दिया है। संपत्ति विवाद के चलते एक मां ने अपने ही बेटे की मौत 12 लाख रुपये में सुपारी दे दी। हत्यारोपियों ने तीन लाख रुपये एडवांस लेकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंच गई और मृतक की मां बीना शर्मा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र में तिब्बती बाजार के पास बुधवार को 10:30 बजे एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार देहरादून के रूप में हुई थी। जो जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे। इस घटना को लेकर अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल पत्नी विनोद उनियाल, एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय खन्ना के साथ विवाद के बारे में जानकारी दी।
अभिलाषा शर्मा ने बताया था कि उनके पति अर्जुन शर्मा का अपनी मां बीना शर्मा के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और यह मामला कोर्ट में है। अभिलाषा शर्मा ने इन सभी पर अपने पति की हत्या कराए जाने का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। राजधानी में हुई इस हत्या को लेकर जहां पुलिस की किरकिरी हो रही थी तो वहीं घटना का जल्द खुलासे का दबाव भी पुलिस पर था।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन कर नाकाबंदी करवा कर सघन चेकिंग अभियान चलवाया और देर रात मुठभेड़ में दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लाडपुर क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी चुक्खूवाला बताया, जबकि लाल थप्पड़ क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम पंकज राणा पुत्र अभय सिंह निवास इंदिरा कॉलोनी बताया।
इन दोनों ने तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया। दोनों सगे भाइयों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो पता चला कि पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है, जबकि राजीव ऑटो चलाता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉक्टर अजय खन्ना और मृतक अर्जुन की मां बीना शर्मा का अर्जुन शर्मा से प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और पूर्व में भी इन लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
डॉ. अजय खन्ना जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं और एसके मेमोरियल नाम से अस्पताल चलाते हैं, ने बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड़ रुपये में डील की थी, जिसमें से अब तक 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा को दे दिए गए थे, लेकिन अर्जुन ने इस प्रॉपर्टी पर कोर्ट से स्टे ले लिया था। प्रॉपर्टी पर कब्जा न मिलने के कारण डॉ. अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था और बीना शर्मा पर अपने पैसों के लिए दबाव बना रहा था। जिसके कारण मां-बेटे के बीच अक्सर झगड़ा हो रहा था। इसी झगड़े के चलते मृतक की मां बीना शर्मा ने अपने पुत्र से खुद को खतरा बताते हुए हाई कोर्ट से सुरक्षा भी ली थी। इस मामले में अर्जुन शर्मा के किसी भी तरह न मानने के बाद इन लोगों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
इन लोगों ने पंकज और राजीव से 12 लाख रुपये में अर्जुन शर्मा की हत्या करने का सौदा तय किया, जिसमें से तीन लाख दोनों आरोपियों को एडवांस में दिए गए, जबकि बाकी पैसे काम होने के बाद दिए जाने थे। दोनों आरोपियों ने 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन यह लोग ज्यादा देर तक पुलिस से बच नहीं सके और देर रात मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
इन दोनों के बयान के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मृतक अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा ने अर्जुन शर्मा के मैनेजर विजय से कुछ दिन पहले उसकी दिनचर्या के बारे में जानकारी ली थी। मां से झगड़े के कारण अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। इन सभी तथ्यों के सामने आने पर पुलिस ने मुकदमे में नामजद बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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