हरिद्वार। मां गंगा में गिर रहे सीवरयुक्त गंदे नालों के विरोध में राष्ट्रीय सावक मंच का धरना-प्रदर्शन रंग लाता नजर आया। गंगा की पवित्रता को लेकर मां गंगा की गोद में बैठकर किए जा रहे प्रदर्शन का तत्काल संज्ञान लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी ने मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक के साथ मौके पर पहुंचकर गंदे नालों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने माना कि सीवरयुक्त गंदा पानी गंगा में नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने मंच के कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर गंगा में गिरने वाले सीवरयुक्त नालों की टेपिंग कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि मां गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। आगामी कुंभ स्नान को देखते हुए गंगा की स्वच्छता और निर्मलता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक मनुष्य के अनेक संस्कार मां गंगा के जल से जुड़े हैं। ऐसे में गंगा को सीवरयुक्त गंदे पानी से प्रदूषित होते देखना असहनीय है।

कौशिक ने स्पष्ट कहा कि मां गंगा को पवित्र और निर्मल बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया आश्वासन धरातल पर पूरा नहीं हुआ, तो राष्ट्रीय सावक मंच का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल यादव, शहर अध्यक्ष शरद अग्रवाल, युवा जिला अध्यक्ष शिवम कौशिक, जिला सचिव अनिल सिंघल, जिला महासचिव राजू बक्शी, जिला सचिव मनीष रस्तोगी, विशाल भट्ट, महेंद्र अरोड़ा, विकास राजपूत और डॉ. शिवम नारायण शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। गंगा में गिरने वाले सीवरयुक्त नालों की टेपिंग और प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगने से ही इस पहल का वास्तविक परिणाम सामने आएगा।