हरिद्वार, 29 अक्टूबर 2026। आगामी कुंभ मेला हरिद्वार को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कुंभ मेला पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ. योगेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला आयुष अग्रवाल ने कुंभ मेला कोर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हर की पैड़ी, मालवीय द्वीप, कांगड़ा द्वीप, अपर रोड और प्रशासनिक मार्ग होते हुए चंडी चौक तक विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुंभ मेले में सामान्य दिनों और प्रमुख स्नान पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकासी पर विशेष जोर
कुंभ मेले के दौरान हर की पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्गों, भीड़ प्रबंधन, होल्डिंग एरिया और भीड़ बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित निकासी की योजना पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से निपटने की तैयारी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुंभ मेला पुलिस ने प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ भगदड़, आग लगने, बम विस्फोट और आतंकवादी घटनाओं जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
निरीक्षण का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यावहारिक समीक्षा करना और कुंभ मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस एवं संबंधित व्यवस्थाओं की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला राजेश भट्ट, अपर पुलिस अधीक्षक संचार विपिन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक लाइन वेदप्रकाश भट्ट, पुलिस उपाधीक्षक यातायात कुंभ मेला हरिद्वार उमेश मलिक सहित कुंभ मेला पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
कुंभ मेला पुलिस द्वारा की जा रही इन तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान भीड़ का बेहतर प्रबंधन और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।