“दौड़ा हरिद्वार, गूंजा नशामुक्ति का संकल्प! ‘रन अगेंस्ट ड्रग्स’ में हजारों कदमों ने छेड़ी नशे के खिलाफ जंग”
हरिद्वार में नशे के खिलाफ हजारों धावकों ने भरी हुंकार, ‘रन अगेंस्ट ड्रग्स’ मिनी मैराथन से गूंजा नशामुक्त समाज का संदेश
70 वर्षीय उमेश भटनागर और 5 साल की पोती दीया ने 6 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर पेश की मिसाल,
पांच श्रेणियों में प्रतिभागियों ने दिखाया दमखम

हरिद्वार, 11 अक्टूबर।
नशे के खिलाफ जनजागरूकता की अलख जगाने और युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से रविवार को हरिद्वार में हजारों धावकों ने एकजुट होकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। अतुल्य फाउंडेशन और हरिद्वार पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में ऋषिकुल मैदान से ‘रन अगेंस्ट ड्रग्स’ मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्कूली बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। मैराथन में खेल भावना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम देखने को मिला।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और समाज के प्रत्येक वर्ग को नशामुक्ति अभियान से जोड़ना रहा। प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।

जिलाधिकारी और मेयर ने दिखाई हरी झंडी
ऋषिकुल मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मेयर किरण जैसल, एसपी सिटी दीपक सिंह तथा एकम्स परिवार की मुखिया अर्चना जैन और प्रज्ञा दीक्षित ने हरी झंडी दिखाकर किया। मैराथन के शुभारंभ के साथ ही प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। धावकों ने निर्धारित मार्ग पर दौड़ लगाते हुए नशामुक्त उत्तराखंड का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

मैराथन का मार्ग ऋषिकुल मैदान से शुरू होकर रानीपुर मोड़, आर्य नगर, ज्वालापुर रेलवे स्टेशन, भगत सिंह चौक, टिबड़ी अंडरपास और पुराना रानीपुर मोड़ होते हुए पुनः ऋषिकुल मैदान तक निर्धारित किया गया। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ लगभग छह किलोमीटर की दौड़ में भाग लिया।

नशा समाज के लिए अभिशाप: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नशे के खिलाफ इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है। इसके कारण अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं और अपराध को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। परिवार, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रशासन मिलकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।

युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील
मेयर किरण जैसल ने युवाओं से नशे के प्रति सचेत रहने और इससे दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों, खेलकूद, शिक्षा तथा समाजसेवा में होना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच के साथ ही व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है।

महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगी नशामुक्ति की मुहिम: अर्चना जैन
एकम्स हेल्थ एंड एजुकेशन सोसाइटी की सचिव अर्चना जैन ने नशे के खिलाफ अभियान में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने और परिवारों तथा समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नशा युवा पीढ़ी के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में बच्चों और युवाओं को सही दिशा देना, उन्हें खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर प्रयास करें तो नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

अर्चना जैन ने कहा कि ‘रन अगेंस्ट ड्रग्स’ जैसे आयोजन केवल दौड़ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पांच श्रेणियों में प्रतिभागियों ने दिखाया दमखम
मिनी मैराथन में पांच अलग-अलग श्रेणियों में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान धावकों ने अपनी क्षमता, फिटनेस और खेल भावना का प्रदर्शन किया। आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के नाम इस प्रकार हैं—

  • प्रोफेशनल वर्ग: प्रथम सागर पाल, द्वितीय यश कुमार और तृतीय नितिन।
  • सीनियर सिटीजन वर्ग: प्रथम मुनीराम, द्वितीय विनीत जेलान और तृतीय योगेंद्र।
  • महिला वर्ग: प्रथम शिवांगी, द्वितीय अंजलि और तृतीय राधिका।
  • 14 वर्ष आयु वर्ग: प्रथम ललित, द्वितीय सुमित और तृतीय शुभम।
  • 14 से 45 वर्ष आयु वर्ग: प्रथम सतेंद्र, द्वितीय कार्तिक और तृतीय विकास।

आयोजन के दौरान प्रत्येक वर्ग में प्रथम दस स्थानों तक पहुंचने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।

70 वर्षीय दादा और पांच साल की पोती बने आकर्षण का केंद्र
मैराथन में सबसे खास और प्रेरणादायक दृश्य रुड़की से आए भटनागर परिवार का रहा। परिवार के 70 वर्षीय उमेश भटनागर और उनकी महज पांच साल की पोती दीया भटनागर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। दोनों ने लगभग छह किलोमीटर की दौड़ पूरी कर यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच के लिए उम्र बाधा नहीं होती।

नन्ही दीया और उनके दादा की सहभागिता ने आयोजन में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ाया। दोनों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि नशामुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी केवल युवाओं की नहीं, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक प्रत्येक व्यक्ति की है। इस प्रेरणादायक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी।

सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया अभियान का उत्साह
नशे के खिलाफ आयोजित इस जनजागरूकता अभियान में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। स्कूली बच्चों और युवाओं के साथ वरिष्ठ नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रगति भारत सेवा संस्थान, स्वामी विवेकानंद सेवा संस्थान और देवभूमि बधिर एसोसिएशन, उत्तराखंड सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों की सहभागिता रही। आयोजन में सामाजिक संगठनों की उपस्थिति ने नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।

सामाजिक और पत्रकारिता जगत की कई हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में अतुल्य फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार महावीर नेगी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, रूपेश वालिया, विशाल गोस्वामी, ओमप्रकाश, आदित्य गोस्वामी, प्रेस क्लब के महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल, वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी अरोड़ा, मुदित अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

आयोजन से जुड़े लोगों ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दौड़ से आगे बढ़कर जनआंदोलन बनाने की जरूरत
‘रन अगेंस्ट ड्रग्स’ मिनी मैराथन ने यह संदेश दिया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवारों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को निरंतर प्रयास करने होंगे। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

हरिद्वार में हजारों लोगों की भागीदारी के साथ आयोजित इस मैराथन ने नशामुक्त समाज के संकल्प को नई ऊर्जा दी। अब आवश्यकता इस संदेश को एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को नशे से दूर, स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।

संदेश स्पष्ट है—नशे को ना, स्वस्थ जीवन को हां। नशामुक्त युवा, सशक्त समाज और सुरक्षित भविष्य ही एक मजबूत उत्तराखंड की नींव हैं।

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