हरिद्वार, 13 सितम्बर ।
जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस ने सुबह-सुबह जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों की गली-मोहल्लों तक पहुंचीं और वहां रह रहे संदिग्ध एवं बाहरी व्यक्तियों के दस्तावेजों तथा पहचान-पत्रों की पड़ताल की।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने किराएदारों, कर्मचारियों और अन्य बाहरी व्यक्तियों के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ ही उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित कर अपराध की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
आखिर सत्यापन क्यों है जरूरी?
अक्सर जब पुलिस सुबह-सुबह किसी घर या प्रतिष्ठान पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच करती है तो लोगों के मन में सवाल उठता है कि सत्यापन की आवश्यकता आखिर क्यों है। पुलिस के अनुसार, किराएदारों और कर्मचारियों का समय पर सत्यापन होने से किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान एवं पृष्ठभूमि की जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध रहती है। इससे अपराधों की रोकथाम और जांच में भी मदद मिलती है।

हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन शहर में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और अन्य कारणों से आकर रहते हैं। ऐसे में बाहरी व्यक्तियों का उचित सत्यापन कानून-व्यवस्था की दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पुलिस की आमजन से अपील
हरिद्वार पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि अपने घर, दुकान, प्रतिष्ठान या अन्य स्थानों पर रहने वाले किराएदारों एवं कार्यरत कर्मचारियों का समय पर पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। साथ ही सत्यापन के दौरान पुलिस टीमों का सहयोग करें और मांगे जाने पर आवश्यक पहचान एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
पुलिस का संदेश स्पष्ट है—सत्यापन किसी को परेशान करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षित समाज की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस का जमीनी स्तर पर यह अभियान आने वाले समय में अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।।