हरिद्वार/जगजीतपुर, 25 अक्टूबर।
त्योहारों के बीच मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कनखल थाना क्षेत्र के लक्सर रोड स्थित बुद्धि माता मंदिर के पास संचालित श्री प्रकाश स्वीट्स पर लड्डू में फफूंद होने की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की। मौके से मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, दुकान की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों पर दुकानदार द्वारा पैसे मांगने के आरोप लगाए जाने के बाद मामला एक नए विवाद में बदल गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मिठाई में फफूंद होने की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुकान में रखी मिठाइयों के नमूने लिए। विभाग के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई की गुणवत्ता पर सवाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार
त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां खरीदते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। अब सवाल यह है कि क्या जांच में लड्डू में फफूंद होने की शिकायत सही साबित होगी? क्या मिठाइयों में गुणवत्ता संबंधी कोई खामी पाई जाएगी? इन सवालों के जवाब खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेंगे।
पत्रकारों पर पैसे मांगने का आरोप, दूसरा पहलू भी जांच के दायरे में
इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब प्रकाश स्वीट्स की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों पर दुकानदार ने पैसे मांगने के आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि दुकानदार ने मौके पर मौजूद पत्रकारों का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप में भी प्रसारित किया।
हालांकि, पत्रकारों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य हैं या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप निराधार साबित होते हैं, तो तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा और पत्रकारिता—दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी
यह मामला अब केवल मिठाइयों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, तो दूसरी ओर पत्रकारों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता भी जांच का विषय है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से लोगों, विशेषकर बच्चों, के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। वहीं, पत्रकारों पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाए।
इस पूरे मामले में मिठाई खरीदने वाले स्थानीय ग्राहक गौरव तोमर का पक्ष भी सामने आया है। हमारी टीम ने उनके स्थानीय आवास पर पहुंचकर उनका बयान लिया। उन्होंने बताया की 24 घंटे भी पुरे नहीं हुए और उनके द्वारा ख़रीदे गए लड्डुओं पर फफूद आ गयी, सुनते हैं कि इस मामले में गौरव तोमर का पूर्ण बयान ।
फिलहाल सभी की नजरें खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, पत्रकारों पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने के लिए भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।