
हरिद्वार : नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मांस की दुकानों के खिलाफ करीब दो दशकों से चल रहा संघर्ष आखिरकार सफल हो गया। हिंदूवादी (हिंदू क्रांतिकारी दल ) के नेता चरणजीत पाहवा की लगातार कोशिशों और आंदोलनों के बाद नगर निगम बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास कर दिया गया है।
चरणजीत पाहवा पिछले 20 वर्षों से इस मुद्दे को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कई बार धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और जन आंदोलन किए। वर्ष 2016 में 8 अप्रैल को उन्होंने इस मुद्दे पर आत्मदाह का प्रयास भी किया था, जिसमें वे करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे। इस घटना के निशान आज भी उनके शरीर पर मौजूद हैं और उनका एक हाथ भी प्रभावित हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा।
पाहवा का कहना है कि लंबे समय तक लोगों ने उनके आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें पागल तक कहा गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर लगातार आवाज उठाते रहे।
अब जब नगर निगम ने इस मामले में प्रस्ताव पास कर दिया है, तो इसे पाहवा अपने संघर्ष की बड़ी जीत मान रहे हैं। इस सफलता के उपलक्ष्य में वह 12 अप्रैल 2026 को जटवाड़ा पुल से हरकी पैड़ी तक नंगे पैर पैदल यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा के दौरान वे मां गंगा का आशीर्वाद लेंगे और नगर निगम महापौर, पार्षदों व भाजपा पार्षदों का आभार व्यक्त करेंगे।
इस धन्यवाद यात्रा में हिंदू क्रांतिकारी दल के पदाधिकारी, महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। पाहवा के अनुसार यह क्षण उनके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक है, क्योंकि 8 अप्रैल 2016 को उनके आत्मदाह प्रयास के 8 वर्ष पूरे होने के साथ ही इसी महीने में यह प्रस्ताव पास हुआ है।