हरिद्वार। 13 अप्रैल 2026
हरिद्वार में आयोजित “नारीशक्ति वंदन सम्मेलन” में महिला सशक्तिकरण की गूंज सुनाई दी। उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि “नारीशक्ति वंदन अधिनियम” देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पहल है, जो महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
हरिद्वार के पार्क ग्रैंड होटल में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान मंत्री ने प्रेस वार्ता में बताया कि लंबे समय से लंबित महिलाओं के राजनीतिक आरक्षण को अब नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम महिला सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।


मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में भाग लेंगी, बल्कि निर्णय लेने में भी अग्रिम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी, साथ ही महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी।
सम्मेलन के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री ने प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन भी सुना। उन्होंने कहा कि यह पहल नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगी और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत बनाएगी।
रेखा आर्या ने जोर देते हुए कहा कि आज की नारी केवल अपेक्षा करने वाली नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति बन चुकी है। शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और खेल – हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
इस अवसर पर राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रीता चमोली, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष भाजपा लव शर्मा, एवं नीतीश वालिया सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।