हरिद्वार : 9 अप्रैल गुरूवार मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिसका खुलासा हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मीडिया के माध्यम से पुलिस कार्यालय सभागार में किया। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रही थी।

पुलिस के अनुसार, महिला हरिद्वार के वैष्णवी एन्क्लेव में “स्वीटी” नाम से रह रही थी। जांच में उसकी असली पहचान बांग्लादेश के कुमिल्ला निवासी सलेहा बेगम के रूप में हुई। महिला के साथ श्यामदास नाम का एक व्यक्ति भी रह रहा था, जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि श्यामदास मूल रूप से बिलासपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला है।


तलाशी के दौरान महिला के पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड बरामद हुआ। इसके अलावा उसके पास भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज भी मिले, जिन्हें फर्जी तरीके से बनवाया गया था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था।

पुलिस ने बताया कि महिला बिना वैध वीजा और अनुमति के भारत में रह रही थी, जो कि कानूनन अपराध है। साथ ही, फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारतीय पहचान प्राप्त करना और पासपोर्ट बनवाना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पूछताछ में सामने आया कि महिला अपने पहले पति से अलग होने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए श्यामदास के संपर्क में आई। दोनों पहले दिल्ली में रहे और बाद में हरिद्वार आकर साथ रहने लगे, जहां उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर जीवन यापन शुरू कर दिया।

इस मामले में ज्वालापुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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