हरिद्वार, 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को जनपद में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। जिला अधिकारी /प्रमुख जनगणना अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सूची उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना शामिल है, उत्तराखंड में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक चलेगा। वहीं द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध राष्ट्रीय कार्य है, जिसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है। यह कार्य घर-घर जाकर पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों के माध्यम से किया जाता है, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की उपलब्धता जरूरी है।
डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ विभागों द्वारा अभी तक अपेक्षित कर्मियों की सूची चार्ज अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन कर्मियों का प्रशिक्षण 17 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित है, ऐसे में सभी विभाग समय रहते आवश्यक सूची उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
प्रशासन द्वारा जनपद के सभी तहसीलदारों, अधिशासी अधिकारियों, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों एवं नगर निगम के सहायक नगर आयुक्तों को चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों और प्रगणकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
अंत में डीएम मेजर दीक्षित ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में पूर्ण जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सहयोग करें, ताकि यह महत्त्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।