संगीत की दुनिया की वो आवाज़ लाखों करोड़ों दिलों की धड़कन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। संगीत प्रेमियों के लिए बेहद दुखद खबर है आज भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसा दिन है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। महान पार्श्व गायिका आशा भोसले, जिन्हें प्यार से सब ‘आशा ताई’ बुलाते थे, अब हमारे बीच नहीं रहीं।
92 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। उनके जाने से सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक पूरा दौर खत्म हो गया है। उनके गाने, उनकी आवाज और उनकी अदायगी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मिसाल बने रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक, आशा भोसले को 11 अप्रैल 2026 शनिवार को दिल और सांस से जुड़ी दिक्कतों के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं थीं और गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थीं। उन्हें ICU में रखा गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। आज रविवार दोपहर उनके बेटे आनंद ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। कल यानी 13 अप्रैल 2026 सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
9 साल की उम्र से शुरू हुआ था सुरों का सफर :-
आशा भोसले का जन्म 1933 में प्रसिद्ध मंगेशकर परिवार में हुआ था। घर में संगीत का माहौल था, इसलिए मात्र 9 साल की उम्र से ही उन्होंने पेशेवर तरीके से गाना शुरू कर दिया था। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की छाया से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन आशा ताई ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से दुनिया को हैरान कर दिया। 1943 में उन्होंने अपना पहला फिल्मी गीत रिकॉर्ड किया और 1950 के दशक तक बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली। आने वाले तीन दशकों में वह लगभग हर बड़े संगीतकार की पहली पसंद बन गईं।
हर तरह के गानों में बिखेरा जादू :-
शुरुआत में उन्हें कैबरे या डांस नंबर तक सीमित कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने खुद को उस दायरे से बाहर निकाला। ‘उमराव जान’ जैसी फिल्मों में उन्होंने गजल गाकर अपनी अलग पहचान बनाई। वह 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड और 2 बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘मेरा कुछ सामान’ जैसे गानों के लिए।
अपने अंतिम वर्षों में आशा भोसले अपने परिवार के साथ समय बिता रही थीं। उनकी पोती जनाई भोसले, जो खुद भी एक सिंगर हैं, उनके साथ अक्सर नजर आती थीं और उनके काफी करीब थीं।
12,000 से ज्यादा गाने गाए :-
आशा भोसले ने 12,000 से ज्यादा गाने गाए और कई पीढ़ियों को अपनी आवाज दी। मीना कुमारी से लेकर काजोल तक, हर दौर की अभिनेत्री के लिए उन्होंने गाया। उनकी आवाज सिर्फ गानों में नहीं, बल्कि लोगों की यादों में हमेशा जिंदा रहेगी