हरिद्वार से महज 3 किलोमीटर दूर बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा क्षेत्र, हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत
हरिद्वार,3 नवंबर ।
धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ 2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कहीं नए पुलों का निर्माण हो रहा है तो कहीं सड़कों को चमकाया जा रहा है और घाटों के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के दावे कर रहे हैं। लेकिन इन विकास कार्यों के बीच हरिद्वार से महज तीन किलोमीटर दूर गंगा किनारे बसा कांगड़ी-श्यामपुर, सजनपुर पीली क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।
क्षेत्र की बदहाल स्थिति को लेकर गंगा किनारे आश्रम एवं धुर्व चैरिटेबल हॉस्पिटल संचालित करने वाले महामंडलेश्वर स्वामी बालक दास जी महाराज ने मिडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुंभ के नाम पर हरिद्वार से देवप्रयाग तक विकास कार्य होना सौभाग्य की बात है। भाजपा सरकार सनातन धर्म को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन सवाल यह है कि हरिद्वार के इतने नजदीक स्थित श्यामपुर-सजनपुर पीली क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से आखिर कब जुड़ेगा?
हाथियों का आतंक, जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज
स्वामी बालक दास जी महाराज ने क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या वन्यजीवों के आतंक को बताया। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे इस इलाके में हाथियों, बाघों और जंगली सूअरों की आवाजाही बनी रहती है। रात के समय अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। हाल ही में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत ने क्षेत्र में दहशत और बढ़ा दी है।
पहली महिला कुंभ मेला अधिकारी से उम्मीदें
महाराज जी ने हरिद्वार की पहली महिला कुंभ मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह अच्छा कार्य कर रही हैं। हालांकि उन्होंने आग्रह किया कि कुंभ मेला अधिकारी स्वयं कांगड़ी-श्यामपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करें, ताकि यहां की वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकें।
कुंभ बजट से क्षेत्र को मिले ये बुनियादी सुविधाएं
महामंडलेश्वर स्वामी बालक दास जी महाराज ने प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण के सामने प्रमुख मांगें रखीं—
- सड़क निर्माण: आश्रम और अस्पताल तक आने-जाने के लिए बेहतर और सुरक्षित सड़क का निर्माण कराया जाए।
- बिजली और रोशनी: जंगल से सटे क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं, ताकि रात के समय मरीजों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
- हाथियों से सुरक्षा: आबादी और अस्पताल के आसपास हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए वन विभाग की सलाह से सुरक्षित तारबाड़ एवं अन्य प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
- शराब का ठेका हटाने की मांग: महाराज जी ने कुंभ क्षेत्र के भीतर संचालित शराब के ठेके को तत्काल हटाने की मांग उठाई।
‘बड़ा अस्पताल नहीं, सिर्फ बुनियादी सुविधाएं तो दीजिए’
महाराज जी ने कहा कि उन्हें यहां किसी बड़े अस्पताल या विशेष सुविधाओं की मांग नहीं है। यहां हजारों लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कम से कम सड़क, पानी, बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तो उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र श्री यतीश्वरानंद जी महाराज का कार्यक्षेत्र रहा है, इसलिए यहां के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
एक तरफ कुंभ 2027 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारी है, दूसरी तरफ धर्मनगरी के इतने करीब बसा कांगड़ी-श्यामपुर आज भी सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है।
सवाल यही है कि क्या कुंभ 2027 का विकास केवल मुख्य मार्गों और घाटों तक सीमित रहेगा, या गंगा किनारे बसे इस उपेक्षित क्षेत्र को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा?
अब देखना होगा कि कुंभ मेला प्रशासन और जिला प्रशासन महामंडलेश्वर स्वामी बालक दास जी महाराज की इन मांगों पर कितना गंभीरता से संज्ञान लेते हैं।