हरिद्वार,3 नवंबर।
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। चंडी घाट से श्यामपुर कांगड़ी तक करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र में एनजीटी के नियमों और पर्यावरणीय प्रतिबंधों की अनदेखी कर निर्माण किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंगा किनारे निर्धारित 100 मीटर के नो डेवलपमेंट जोन में भी पक्की प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, वन विभाग और सिंचाई विभाग की जमीन पर भी कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस क्षेत्र का कुछ हिस्सा कुंभ मेला क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां कथित तौर पर अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के आरोप हैं।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी भूमि की पैमाइश कराने और नियमों के विरुद्ध किए गए निर्माणों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर गंगा किनारे इतने बड़े क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण कैसे होते रहे? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई?
फिलहाल निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक जांच और कार्रवाई शुरू करता है।
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