उत्तराखंड की राजनीति में कल से भूचाल आने के पूरे आसार हैं। चमोली के गैरसैंण में मंगलवार से शुरू होने जा रहे मौजूदा सरकार के अंतिम विधानसभा सत्र में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच आर-पार की जंग तय मानी जा रही है। विधानसभा चुनावों की आहट के बीच होने जा रहे इस दो दिवसीय सत्र को लेकर दोनों ही दलों ने अपनी कमर कस ली है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विवादों को मुख्य हथियार बनाते हुए सदन के भीतर और सड़क पर सरकार को चौतरफा घेरने की पुख्ता व्यूह रचना तैयार की है। वहीं दूसरी तरफ, भगवा दल भी विपक्ष के हर तीखे तेवर और आक्रामक तेवर का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों की धार कुंद करने और सदन में किसी भी प्रकार की फजीहत से बचने के लिए भाजपा ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गैरसैंण में होने वाली भाजपा विधानमंडल दल की अहम बैठक में पार्टी के तमाम विधायकों और मंत्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पार्टी आलाकमान की ओर से सभी विधायकों को सदन में पूरी एकजुटता दिखाने, मंत्रियों को हर मुद्दे पर पुख्ता आंकड़ों के साथ सदन में उतरने और विपक्ष के हर नैरेटिव पर आक्रामक पलटवार करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साफ है कि चुनाव से ठीक पहले हो रहा यह आखिरी सत्र राजनीतिक दलों के लिए अपनी ताकत दिखाने और जनता के बीच सीधा संदेश भेजने का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है