गरीब मजदूरों को एसी कोच में सीट दिलाने का झांसा देकर उड़ाए थे 90,500 रुपये, ₹25 हजार नकद और मोबाइल बरामद, करीब ₹50 हजार की धनराशि फ्रीज…
कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में 30 घंटे के भीतर पुलिस को मिली सफलता, टीम को ₹2,500 के इनाम की घोषणा…
हरिद्वार,14 अक्टूबर 2026।
रेलवे स्टेशन पर भोले-भाले मजदूरों को ‘मेरे मामा टीटी हैं’ कहकर ठगी का शिकार बनाने वाले पांच आरोपियों को जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने का झांसा देकर यात्रियों का मोबाइल, पिन कोड, नकदी और सामान हासिल करते थे। इसके बाद बैंक खातों से रकम निकालकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹25 हजार नकद, पीड़ित का वनप्लस मोबाइल और बैग बरामद किया है, जबकि लगभग ₹50 हजार की धनराशि बैंक खाते में फ्रीज कराई गई है।
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के कुशल नेतृत्व और सीओ जीआरपी अनुज के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई से त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय ठगों को कड़ा संदेश मिला है।
10 महीने की कमाई पर लगाया था हाथ
पुलिस के अनुसार, घटना 10 अक्टूबर 2026 की रात की है। पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के रहने वाले बिस्वजीत सौरेन और रंजीत कोरा हरिद्वार में दिहाड़ी मजदूरी करते थे। दोनों मेहनत-मजदूरी कर पैसे जोड़ रहे थे, ताकि दशहरा और दीपावली पर अपने घर लौटकर परिवार और बच्चों के साथ त्योहार मना सकें।
दोनों हरिद्वार रेलवे स्टेशन से आसनसोल जाने के लिए कुंभ एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। उनके पास जनरल टिकट थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि उनका मामा रेलवे में टीटी है, जो उनके जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवा सकता है।
फर्जी टीटी बनकर रचा ठगी का जाल
आरोपियों ने पहले मजदूरों से बातचीत कर उनका विश्वास जीता। इसके बाद अपने एक साथी को फर्जी टीटी के रूप में पेश किया। उसने रेलवे के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि एसी कोच में यात्रा करने से पहले यात्रियों का सामान, मोबाइल और अन्य वस्तुएं जमा कर रसीद दी जाती है।
उनकी बातों में आकर पीड़ितों ने ₹12 हजार नकद, मोबाइल फोन, पिन कोड, बैग और कपड़े आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद वे बताए गए स्थान पर घंटों सामान की रसीद मिलने का इंतजार करते रहे। अगले दिन बैंक से जानकारी मिलने पर पता चला कि उनके खातों से कुल ₹90,500 निकाल लिए गए हैं।
खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित जीआरपी हरिद्वार पहुंचे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से खुला राज
सीओ जीआरपी अनुज के पर्यवेक्षण में पुलिस ने मैन्युअल पुलिसिंग, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और पीड़ितों द्वारा बताए गए हुलिए व बातचीत के तरीके के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने करीब 30 घंटे के भीतर हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिहार की ओर जाने वाली ट्रेन से फरार होने की फिराक में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ, सुमित कुमार, किशन कुमार, जितेंद्र कुमार चौधरी और बंटी कुमार के रूप में हुई है। इनकी उम्र 19 से 24 वर्ष के बीच बताई गई है और सभी बिहार के अलग-अलग गांवों के निवासी हैं।
बरामदगी और बैंक खाते फ्रीज
जीआरपी हरिद्वार के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से निम्न बरामदगी हुई है:
- ₹25,000 नकद।
- पीड़ित का वनप्लस मोबाइल फोन, जिसकी कीमत करीब ₹17,300 बताई गई है।
- पीड़ित का बैग।
- बैंक खाते में ट्रांसफर की गई करीब ₹49,999 की धनराशि फ्रीज कराई गई।
पुलिस का कहना है कि फ्रीज की गई रकम को आवश्यक बैंकिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित के खाते में वापस कराने का प्रयास किया जाएगा। गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) और 3(5) भी बढ़ाई गई हैं।
महंगे शौक और जल्दी पैसा कमाने की चाह
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने महंगे मोबाइल, बाइक, कपड़ों और अन्य शौक के लिए जल्दी पैसा कमाने की चाह का जिक्र किया। आरोपियों में कुछ दिहाड़ी मजदूरी, ऑटो चलाने, सब्जी बेचने और राजमिस्त्री का काम करते थे। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
कप्तान अरुणा भारती ने टीम को दी बधाई
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती ने कार्रवाई पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गरीब लोगों की मेहनत की कमाई चुराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फ्रीज कराई गई धनराशि दीपावली से पहले पीड़ितों के खातों में वापस पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
इस सफलता पर पुलिस टीम को ₹2,500 के इनाम की घोषणा भी की गई है। साथ ही त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
रेलवे स्टेशन पर कोई अनजान व्यक्ति यदि टिकट बदलवाने, एसी कोच में बैठाने या रेलवे कर्मचारी से पहचान होने का दावा करे, तो उसकी बातों में न आएं। अपना मोबाइल, बैंकिंग पिन, ओटीपी, नकदी या निजी सामान किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दें।
जीआरपी हरिद्वार की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।
जीआरपी पुलिस टीम में
एसएचओ बिपिन चन्द्र पाठक, एसआई प्रीति कर्णवाल, एएसआई अतुल चौहान, एएसआई श्यामसुंदर दास, एएसआई कैलाश नाथ, HC पृत्वी नेगी, HC अनिल कुमार, कानि0 राजकुमार, कानि0 अंकुर रोड, कानि0 नैथेनियल भट्टी, कानि0 खलील जावेद, कानि0 खलील जावेद, कानि0 राहुल कुमार, कानि0 अभिषेक कुमार, कानि0 मुकेश कुमार, कानि0 संदीप राणा, कानि0 राजीव कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।