चार घंटे से अधिक चली मैराथन बैठक में डीएम और एसएसपी को सख्त निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान से लेकर कानून-व्यवस्था तक की व्यापक समीक्षा…

देहरादून, 14 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने, सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित के कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक चली चार घंटे से अधिक की मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ विकास कार्यों, जनसुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा करने तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्रों का भ्रमण कर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सड़कें गड्ढामुक्त बनाने पर जोर, गुणवत्ता से समझौता हुआ तो कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करें और लंबित मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं भी जल्द सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। निरीक्षण के दौरान कहीं सड़क टूटी मिली या निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।

एक नवंबर तक पूरे हों सीवर और पेयजल पाइपलाइन के कार्य
शहरों और कस्बों में सीवर तथा पेयजल पाइपलाइन के कारण खोदी गई सड़कों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इनसे संबंधित अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे किए जाएं। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत में देरी न हो और आम जनता को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों को लंबे समय तक असुविधा में नहीं रखा जा सकता। अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी कर निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

जनता को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में आम जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और जनशिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए। प्रत्येक शिकायत के समाधान की प्रभावी निगरानी हो और जहां किसी स्तर पर अनावश्यक देरी हो रही है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जाए।

कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी पर तय होगी जवाबदेही
हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएं। तैयारियों की साप्ताहिक समीक्षा के साथ-साथ स्थलीय निरीक्षण भी किया जाए, ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। तैयारियों में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कड़े निर्देश
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सतर्कता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने पर जोर दिया।

आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत, दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं हों मजबूत
बैठक में आपदा प्रबंधन और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।

उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि भौगोलिक कठिनाइयों के कारण किसी भी नागरिक को आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े।

भालू और तेंदुए के हमलों पर प्रभावी नियंत्रण की कार्ययोजना
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जनजागरूकता और आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से प्रभावी कदम उठाएं।

हर 15 दिन में जनपदों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए निर्देश दिए कि संबंधित प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में अपने आवंटित जनपद का भ्रमण करें। इस दौरान जनपदवार और विकासखंडवार विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था तथा शासन के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि समीक्षा केवल बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना होगा और सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करना होगा।

अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी तय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, जनशिकायतों के निस्तारण, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने और जिम्मेदारी से बचने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सुशासन की कसौटी पर प्रशासन, अब धरातल पर दिखने होंगे परिणाम
मुख्यमंत्री की इस मैराथन बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट है—सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। सड़कों की बदहाली, पाइपलाइन कार्यों में देरी, राजस्व मामलों का लंबित रहना, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर प्रशासन को ठोस परिणाम देने होंगे।

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों का धरातल पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है और आम जनता को विकास, सुरक्षा तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में कितनी राहत मिलती है।

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