10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों के विनियमितीकरण की कार्रवाई के निर्देश, आउटसोर्स कर्मियों को बोनस और समय पर वेतन देने पर जोर

हरिद्वार, 12 अक्टूबर 2026।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोमवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने सफाई कर्मचारियों के वेतन, सेवा संबंधी मामलों, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यस्थल पर सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और पात्र कर्मचारियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।

बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने मृतक सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर सेवायोजित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों के विनियमितीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया। इन निर्देशों को सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और बोनस में देरी बर्दाश्त नहीं
भगवत प्रसाद मकवाना ने आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों के हितों पर विशेष जोर देते हुए नियमानुसार बोनस का लाभ देने तथा वेतन और अन्य देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके निर्धारित अधिकारों और सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को वेतन भुगतान और अन्य सेवा संबंधी मामलों की नियमित निगरानी करने तथा समस्याओं का अनावश्यक रूप से लंबित न रखने को कहा गया।

बैठक में श्रम कार्ड, ईपीएफ, गोल्डन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा उपकरणों और कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य लाभों की भी समीक्षा की गई। आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पात्र कर्मचारियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें वास्तविक लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएं।

सफाई कर्मचारियों के परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके साथ-साथ उनके परिवारों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण भी जरूरी है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के लिए अधिकाधिक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से पात्र आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए, आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता प्रदान की जाए और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य
बैठक में सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। मकवाना ने मलिन बस्तियों तथा सफाई कर्मचारियों के निवास वाले क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उपचार मिल सके और बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में हो सके।

उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सफाई कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ उनका निर्धारित मानकों के अनुरूप इस्तेमाल भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

खुले नालों और सीवर में काम करने वाले कर्मचारियों का होगा सर्वे
खुले नालों, सीवर और सेफ्टी टैंकों में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर आयोग के अध्यक्ष ने विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने ऐसे कार्यों में लगे कर्मचारियों का सर्वे कर उनकी सूची तैयार करने और आयोग को उपलब्ध कराने को कहा। इसका उद्देश्य संबंधित कर्मचारियों की पहचान कर उनके कार्य की प्रकृति के अनुसार आवश्यक सुरक्षा मानकों, उपकरणों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, वेतन भुगतान, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा उपकरणों तथा अन्य निर्धारित लाभों की नियमित निगरानी की जाए। कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

अधिकारियों ने दिया निर्देशों के अनुपालन का आश्वासन
जनपद आगमन पर नगर आयुक्त नंदन कुमार तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना का स्वागत किया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने आयोग के निर्देशों और सुझावों के अनुपालन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

बैठक में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि राजेंद्र श्रमिक, मनोज छांछर, सुनील राजोर, प्रवीण वाल्मीकि, पूनम वाल्मीकि और सुशील वाल्मीकि सहित एसपी सिटी दीपक सिंह, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, जिले के विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, संबंधित विभागों के कर्मचारी तथा सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।

अब निगाहें निर्देशों के धरातल पर क्रियान्वयन पर: आयोग की बैठक में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को एक सप्ताह में सेवायोजन, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के विनियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मियों को समय पर वेतन और बोनस तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जोर दिया गया। इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

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