सुपोषित मातृत्व, स्वस्थ बचपन और किशोरियों के बेहतर पोषण पर जोर; CDO ने किया कम्युनिटी लाइब्रेरी का उद्घाटन

हरिद्वार, 09 सितंबर 2026।
महिला एवं बाल विकास विभाग एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल के संयुक्त तत्वावधान में तथा सहयोगी संस्थाओं इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट (IGD) एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से बुधवार को विकास भवन, रोशनाबाद में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पोषण को केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे प्रत्येक परिवार, समुदाय और समाज की साझा जिम्मेदारी बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी श्री लालित नारायण मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार की डॉ. सिमरनजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार चंद, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अविनाश भदौरिया सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, किशोरियां एवं माताएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का मंच संचालन जिला प्रशासनिक अधिकारी श्री संतोष रावत ने किया।

आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा पोषण जागरूकता का सशक्त केंद्र
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है। कार्यक्रम में इसी थीम के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा गया कि ये केंद्र महिलाओं, गर्भवती माताओं, शिशुओं एवं बच्चों तक पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल योजनाओं का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। परिवार और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।

‘गरम भोजन, विविध आहार—पोषण का बेहतर आधार’ का दिया संदेश
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत लोगों को “गरम भोजन, विविध आहार — पोषण का बेहतर आधार” का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों को समझाया गया कि संतुलित आहार में विभिन्न खाद्य समूहों को शामिल करना आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल कर परिवार के पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में माताओं और परिवारों को बच्चों के लिए पौष्टिक एवं विविध आहार की उपयोगिता, नियमित भोजन, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जागरूक किया गया।

किशोरियों के लिए ‘तेजस्विनी टॉक’ से एनीमिया पर जागरूकता
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण किशोरियों के लिए आयोजित ‘तेजस्विनी टॉक’ रहा। संवाद के माध्यम से किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य तथा एनीमिया की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।

इस दौरान “गुड़ चना खाओ, एनीमिया भगाओ” तथा “गुड़-चना का आहार, रोगों पर करे प्रहार” जैसे संदेशों के माध्यम से आयरन युक्त एवं पौष्टिक आहार के महत्व को सरल तरीके से समझाया गया। किशोरियों को अपने स्वास्थ्य एवं खान-पान के प्रति सजग रहने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पोषण स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न पोषण जागरूकता स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों से तैयार विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री प्रदर्शित की गई।

स्टॉलों का उद्देश्य यह संदेश देना था कि पौष्टिक भोजन के लिए महंगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से भी स्वादिष्ट, विविध और पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।

उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा प्रदर्शित खाद्य सामग्री का स्वाद लेकर उसके पोषण महत्व की जानकारी प्राप्त की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी लोगों को खाद्य सामग्री तैयार करने की विधि और उसके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी।

IGD ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
आईटीसी मिशन सुनहरा कल के अंतर्गत सहयोगी संस्था इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट (IGD) द्वारा हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और संतुलित आहार के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना तथा राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोगों को पोषण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने और स्वस्थ परिवार एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

कम्युनिटी लाइब्रेरी का उद्घाटन, शिक्षा को पोषण से जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा स्थापित कम्युनिटी लाइब्रेरी का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी श्री लालित नारायण मिश्रा द्वारा किया गया।

कम्युनिटी लाइब्रेरी का उद्देश्य बच्चों और समुदाय के बीच पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना तथा सीखने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण और शिक्षा दोनों का समान महत्व है।

स्वस्थ शरीर के साथ बच्चों में सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता को विकसित करना उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में कम्युनिटी लाइब्रेरी जैसी पहल बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ समुदाय में सीखने की संस्कृति को मजबूत करने में सहायक होगी।

गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार ने दिया मातृत्व एवं बाल पोषण का संदेश
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर गर्भवती महिलाओं के लिए गोद भराई तथा छोटे बच्चों के लिए अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन भी किया गया। पारंपरिक आयोजनों को पोषण जागरूकता से जोड़ते हुए गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को उचित पोषण, शिशु देखभाल, स्तनपान तथा बच्चों को समय पर पौष्टिक और विविध आहार देने के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बच्चे के स्वस्थ भविष्य की नींव गर्भावस्था से ही रखी जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य की देखभाल परिवार एवं समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

किशोरियों को पोषण किट और छाते वितरित
कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को पोषण किट एवं छाते भी वितरित किए गए। इसके साथ ही उन्हें संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि किशोरियों का बेहतर स्वास्थ्य भविष्य की स्वस्थ माताओं और स्वस्थ पीढ़ी की आधारशिला है। इसलिए किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना समाज के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद आवश्यक है।

पोषण अभियान को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों ने कहा कि पोषण किसी एक विभाग या एक माह तक चलने वाला अभियान नहीं, बल्कि निरंतर जनभागीदारी और सामुदायिक जिम्मेदारी का विषय है। कुपोषण, एनीमिया और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए परिवार, आंगनबाड़ी, विद्यालय, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ते हुए पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। साथ ही बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य, किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम, स्वच्छता और शिक्षा को एक-दूसरे से जोड़कर समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

सुपोषित परिवार से बनेगा स्वस्थ समाज
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी संबंधित विभागों, संस्थाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, किशोरियों एवं माताओं ने महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में दिए गए संदेशों का सार यही रहा कि सुपोषित बच्चा ही स्वस्थ और सक्षम भविष्य की नींव रखता है। यदि परिवार स्तर पर संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़े तथा समुदाय अपनी जिम्मेदारी समझे, तो पोषण संबंधी चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से हरिद्वार में “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने और “सुपोषित परिवार—स्वस्थ समाज—उज्ज्वल भविष्य” की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया

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