अमृता विश्व विद्यापीठम हरिद्वार कैंपस में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प

हरिद्वार, 08 सितंबर 2026।
अमृता विश्व विद्यापीठम, हरिद्वार कैंपस में माता अमृतानंदमयी मठ की युवा शाखा अयुद्ध (AYUDH) के सहयोग से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार और सकारात्मक सोच वाली युवा शक्ति के रूप में राष्ट्र निर्माण से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि देश की वास्तविक ताकत उसकी युवा शक्ति में निहित है। यदि युवा स्वस्थ, जागरूक और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त होंगे, तो वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से स्वयं दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और राष्ट्र की उत्पादक क्षमता पर भी पड़ता है। इसलिए नशा मुक्ति को केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी न मानकर व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य, परिवार और करियर पर पड़ता है गंभीर असर
कार्यक्रम में हरिद्वार एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के सब-इंस्पेक्टर एल.एस. बुटोला ने युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके पारिवारिक संबंधों और शिक्षा एवं करियर की संभावनाओं को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की अपील की।

युवा सहभागिता को बताया अभियान की सफलता की कुंजी
माई भारत (MyBharat) के जिला युवा अधिकारी रोशन कुमार ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा मुक्ति के संदेश को समाज के हर वर्ग और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को जन-जागरूकता अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

वहीं, अयुद्ध इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्म. मोक्षामृत चैतन्य ने छात्रों को नशे के खिलाफ जिम्मेदार युवा योद्धा के रूप में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक विचारों, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाते हुए समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया।

नशीले पदार्थों के मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव की दी जानकारी
अमृता अस्पताल की नशा-मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी ने युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से मस्तिष्क, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्ति के भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के प्रति छात्रों को सचेत किया। साथ ही उन्होंने नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए नशा मुक्ति और सहायता के विभिन्न उपायों की जानकारी भी साझा की।

स्वयंसेवकों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
अभियान को सफल बनाने में माता अमृतानंदमयी मठ के स्वयंसेवक आदित्य सिंह कटोच तथा अयुद्ध इंडिया के स्वयंसेवक नितिन शोडवानी ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।

नशा मुक्त भारत के निर्माण का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, नशा-मुक्त और विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक और तकनीकी प्रगति से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए स्वस्थ, जागरूक, जिम्मेदार और नशा-मुक्त युवा शक्ति का निर्माण भी आवश्यक है। युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा को सही दिशा देकर ही एक सशक्त और स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।

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