ब्लूप्रिंट और डिजाइन दिखाकर मेला प्रशासन ने साफ की तस्वीर, स्थानीय सुविधा का दिया भरोसा

हरिद्वार,07 सितंबर 2026।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच हरिद्वार में प्रस्तावित सड़क, फुटपाथ, चौराहों और सौंदर्यीकरण की योजनाओं को लेकर स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति अब संवाद के बाद काफी हद तक दूर हो गई है। शंकर आश्रम चौक तथा पुराना रानीपुर मोड़-परशुराम चौक क्षेत्र में प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों को लेकर व्यापारियों को आवागमन, पार्किंग और व्यापारिक गतिविधियों पर संभावित असर की चिंता थी। मेला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर योजनाओं का ब्लूप्रिंट और डिजाइन सामने रखे और स्पष्ट किया कि विकास कार्य स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे।

मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर कुंभ मेला प्रशासन लगातार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों से संवाद कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती अधिकारियों की टीम के साथ शंकर आश्रम चौक और पुराना रानीपुर मोड़-परशुराम चौक क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया और प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

ब्लूप्रिंट ने दूर किया असमंजस
बैठक और मौके पर हुए संवाद के दौरान मेला प्रशासन ने सड़क सुधार, फुटपाथ निर्माण, चौराहों के विकास और सौंदर्यीकरण से संबंधित योजनाओं के ब्लूप्रिंट एवं डिजाइन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों को दिखाए। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कुंभ के दौरान अस्थायी व्यवस्था तैयार करना नहीं, बल्कि शहर की दीर्घकालिक सुविधाओं को मजबूत करना भी है।
व्यापारियों की मुख्य चिंता यातायात व्यवस्था, दुकानों तक पहुंच, वाहनों के संचालन और पार्किंग को लेकर थी। मेला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि निर्माण के दौरान इन व्यावहारिक पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

कुंभ के बाद भी हरिद्वार को मिलेगा विकास का लाभ
अपर मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला के लिए तैयार की जा रही अवस्थापना सुविधाओं का लाभ मेले के बाद भी स्थानीय नागरिकों को मिलता रहे, इसी सोच के साथ योजनाएं तैयार की गई हैं। हर की पैड़ी से शहर के प्रमुख मंदिरों और बाजारों तक पैदल आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा आंतरिक सड़कों और प्रमुख चौराहों के सुधार, सौंदर्यीकरण, पौधारोपण तथा आकर्षक प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य शहर को अधिक व्यवस्थित, सुविधाजनक और बेहतर यातायात व्यवस्था वाला बनाना है।

डिवाइडर की चौड़ाई नहीं बढ़ेगी
यातायात व्यवस्था को लेकर भी मेला प्रशासन ने महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की। अपर मेलाधिकारी ने बताया कि यातायात के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए मेलाधिकारी ने सड़क के मध्यवर्ती डिवाइडर की चौड़ाई नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई बनाए रखने और यातायात संचालन को सुगम रखने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, निर्माण अवधि में स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए व्यावहारिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

विकास में स्थानीय सहभागिता पर जोर
अपर मेलाधिकारी ने कहा कि मेला प्रशासन विकास कार्यों को स्थानीय लोगों की सहभागिता के साथ आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जो भी व्यावहारिक सुझाव हों, उन्हें प्रशासन के सामने रखें। उपयोगी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का लक्ष्य श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी दीर्घकालिक सुविधा उपलब्ध कराना है।

संवाद के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने मेला प्रशासन की ओर से दी गई विस्तृत जानकारी पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध न होने के कारण पहले यातायात, पार्किंग और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं। लेकिन ब्लूप्रिंट और डिजाइन के माध्यम से प्रस्तावित व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आने के बाद काफी हद तक स्थिति स्पष्ट हो गई है।

व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क, फुटपाथ, चौराहों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं को हरिद्वार के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इनका लाभ कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी लंबे समय तक मिलेगा। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में मेला प्रशासन को सहयोग का आश्वासन दिया।

हालांकि, व्यापारियों ने यह भी सुझाव दिया कि निर्माण के दौरान दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच, स्थानीय आवागमन और वाहनों की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर वार्ड संख्या 15 के पार्षद विवेक भूषण ‘विक्की’, वार्ड संख्या 23 के पार्षद प्रतिनिधि गुलशन शर्मा, स्थानीय व्यापारी प्रतिनिधि सागर अरोड़ा, सुभाष जिंदल और राजेश कुमार सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे और उन्होंने अपने सुझाव रखे।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, पीआईयू के सहायक अभियंता सरीन कुमार सहित मेला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच मेला प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुआ यह संवाद विकास योजनाओं को लेकर बनी आशंकाओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब स्थानीय सहभागिता और प्रशासनिक समन्वय के साथ इन योजनाओं को धरातल पर उतारना अगली बड़ी चुनौती होगी।

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