टिहरी विस्थापित कॉलोनी में दो घरों में हुई चोरी का पर्दाफाश, सीआईयू और रानीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई…
ज्वैलरी बेचकर मिले 5 लाख रुपये बरामद, वारदात में इस्तेमाल टैम्पो समेत पुलिस कार्ड, पैन और आधार कार्ड भी मिले

हरिद्वार, 8 अगस्त।
कांवड़ मेले के दौरान जहां हरिद्वार पुलिस सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर मुस्तैद है, वहीं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कोतवाली रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने टिहरी विस्थापित कॉलोनी में दो घरों में हुई चोरी का खुलासा करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए जेवरात बेचकर प्राप्त 5 लाख रुपये की नगदी, वारदात में प्रयुक्त टैम्पो, मृतक राजेन्द्र पाल के दस्तावेज और एक पुलिस कार्ड बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई 2026 की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी की गली नंबर ए-20 में स्वर्गीय राजेन्द्र पाल के मकान नंबर 23/28 समेत दो घरों में चोरी की वारदात हुई थी। मामले में शिकायत मिलने के बाद 4 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया।

सीसीटीवी और सुरागों से खुला चोरी का राज
घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक रानीपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। सीआईयू को तकनीकी सहयोग और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।

पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की और इलाके में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक टैम्पो लगा, जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने वारदात के बाद फरार होने के लिए किया था।
इसके बाद पुलिस और सीआईयू की टीमों ने टैम्पो तथा आरोपियों की तलाश में हरिद्वार के साथ-साथ अन्य स्थानों पर भी दबिश दी।

बीएचईएल स्टेडियम के पास दबोचा पहला आरोपी
लगातार प्रयास के बाद 7 अगस्त 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि घटना में इस्तेमाल टैम्पो हरिद्वार में बीएचईएल की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और बीएचईएल स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मंदिर जाने वाले तिराहे से एक नीले रंग के टैम्पो को रोका।

टैम्पो से पुलिस ने अक्षय उर्फ गोलू पुत्र होशियार सिंह, निवासी टांडा माईदास, थाना नगीना, जिला बिजनौर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से मृतक राजेन्द्र पाल के नाम का पुलिस कार्ड भी बरामद हुआ।
पूछताछ में अक्षय ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी सोनू सैनी और सोनू शर्मा के साथ मिलकर 29 जुलाई की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी में दो घरों के ताले तोड़कर चोरी की थी।

दोस्तों के साथ मिलकर बनाई थी चोरी की योजना
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात तीनों ने शराब पीने के बाद बंद घरों में चोरी करने की योजना बनाई। इसके बाद वे टैम्पो से टिहरी विस्थापित कॉलोनी पहुंचे।

पहले एक ऐसे मकान का ताला तोड़ा गया, जहां घर की लाइट बंद थी, लेकिन वहां से उन्हें कुछ नहीं मिला। इसके बाद पास के दूसरे मकान को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने के आभूषण चोरी कर लिए।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात को धामपुर में एक व्यापारी को 5 लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद तीनों आरोपी रकम आपस में बांटने के लिए हरिद्वार में अक्षय के कमरे पर पहुंचे थे।

निशानदेही पर दो और आरोपी गिरफ्तार
अक्षय से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर रावली महदूद, डैन्सो चौक के पास स्थित एक मकान में दबिश दी। यहां से पुलिस ने उसके दो साथियों— सोनू सैनी पुत्र सतीश सैनी, निवासी टीबड़ी, बिजनौर और सोनू शर्मा पुत्र रोहताश शर्मा, निवासी धामपुर, बिजनौर, हाल निवासी मुरादाबाद को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से पुलिस ने कुल 5 लाख रुपये नगद, राजेन्द्र पाल का पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया।

तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से अक्षय उर्फ गोलू और सोनू सैनी के खिलाफ पूर्व में भी चोरी समेत अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। अक्षय के खिलाफ हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में मामले दर्ज हैं, जबकि सोनू सैनी के खिलाफ बिजनौर, नगीना और कोटद्वार में चोरी एवं अन्य संबंधित धाराओं में कई मुकदमे पंजीकृत हैं।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके द्वारा पूर्व में की गई अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही बरामद हुआ सामान में 5 लाख रुपये नगद, चोरी की ज्वैलरी बेचकर प्राप्त रकम, घटना में प्रयुक्त टैम्पो, एक पुलिस कार्ड, राजेन्द्र पाल का पैन कार्ड, आधार कार्ड

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले हरिद्वार अथवा आसपास के क्षेत्रों में कितनी अन्य चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में कोतवाली रानीपुर की टीम के प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नन्दकिशोर ग्वाड़ी, उपनिरीक्षक चरण सिंह चौहान, उपनिरीक्षक राहुल थापा, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल समेत पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वहीं सीआईयू प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

कांवड़ मेले के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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