शशिकला रिश्वत मामले को सामने लाने वाली DIG रूपा का तबादला
बेंगलुरु।

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने दो शीर्ष जेल अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जिन अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला किया गया है उनमें डीआइजी (कारा) डी. रूपा भी शामिल हैं।

डीआइजी ने ही सेंट्रल जेल में अन्नाद्रमुक (अम्मा) की नेता वीके शशिकला को दी जा रही विशेष सुविधा पर सवाल उठाया था।

12 जुलाई को पुलिस महानिदेशक (कारा) एचएन सत्यनारायण राव को सौंपी गई रिपोर्ट में उन्होंने इसके लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत देने का मामला भी उजागर किया था।

राज्य सरकार ने सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा है कि भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एनएस मेघारिख को तत्काल प्रभाव से राव की जगह पदस्थापित किया जाता है।

यह भी कहा गया है कि रूपा को ट्राफिक एवं सड़क सुरक्षा में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) के रूप में पदस्थापित किया गया है।

अधिसूचना में हालांकि यह साफ नहीं किया गया है कि राव को कहां भेजा जा रहा है और कारावास विभाग में रूपा की जगह कौन लेंगे।

शशिकला के साथ जेल में कथित तौर पर विशेष सलूक किए जाने पर विवादास्पद रिपोर्ट देने वाली वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रूपा को राज्य सरकार ने नोटिस जारी किया है।

सरकार ने उनसे मीडिया को इसकी जानकारी देने का कारण बताने को कहा है। रूपा अपनी बातों पर अभी भी कायम हैं और उन्होंने कहा है कि उन्होंने किसी भी आचरण नियम का उल्लंघन नहीं किया है।

मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने डीआईजी रूपा की रिपोर्ट को नियमों के खिलाफ कहा है। उन्होंने कहा कि डीजीपी (कारा) राव के खिलाफ आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं। एक सेवानिवृत अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

क्या है मामला ?

बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में बंद एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। खबरों के मुताबिक शशिकला के लिए जेल में 2 करोड़ की लागत से एक अलग किचन की व्यवस्था की गई है।

किचन बनाने में आने वाले खर्च का भुगतान शशिकला ने किया था। डीआईजी रूपा ने डीजीपी जेल को रिपोर्ट में कहा था कि शशिकला को खास सुविधाएं मिल रही हैं, इसमें खाना बनाने के लिए स्पेशल किचन भी शामिल है।

डीआईजी रूपा ने डीजीपी जेल एचएसएन राव को पत्र लिखा, जिसमें शशिकला द्वारा अधिकारियों को रिश्वत के तौर पर दो करोड़ रुपए देने की बात है। यहां तक कि डीआईजी ने डीजीपी को भी इसमें शामिल बताया।

यदि डीजीपी जेल ने कहा कि अगर डीआईजी ने जेल के अंदर ऐसा कुछ देखा था तो इसकी चर्चा उन्हें करनी चाहिए थी। यदि उन्हें लगता है कि मैंने कुछ किया तो मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं।

सत्यनारायण राव ने बताया था कि कर्नाटक प्रिजन मैनुएल के रूल 584 के तहत ही शशिकला को छूट दी गई थी।

विवाद तब उठ खड़ा हुआ था जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक महीने में शशिकला से 14 मौक़ों पर 28 लोगों ने बेंगलुरु सेंट्रल जेल में मुलाकात की।

आरटीआई कार्यकर्ता नरसिम्हा मूर्ति ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे जेल मैनुएल का उल्लंरघन बताया था। इस आरटीआई कर्यकर्ता के विरोध के बाद परपनाग्रहारा यानी बेंगलुरु सेंट्रल जेल प्रशासन ने सफाई दी।

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