पेपर लीक कराने को 75 स्टूडेंट्स से 6 लाख तक में सौदा, दो लोग हुए गिरफ्तार
यमुनानगर

यमुनानगर| हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की रविवार को हुई कंडक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की साजिश में यमुनानगर पुलिस ने रोहतक के महम निवासी कपिल व सुनारिया खुर्द निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 75 परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षार्थी से पेपर लीक कराने के लिए 6 लाख तक में सौदा किया था। आधी रकम पहले देनी थी और आधी परीक्षा के बाद। उन्होंने एचएसएससी की ओर से गठित सर्वेक्षण टीम को 67 लाख रु. का भुगतान किया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

मोबाइल सर्विलांस पर होने से मिला इनपुट, कैथल की महिला पुलिसकर्मी के देवर को पेपर में हेल्प नहीं मिली तो किया खुलासा

झज्जर एसपी की ओर से आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए थे। हर बात रिकॉर्ड की जा रही थी। उनकी सूचना पर ही यमुनानगर पुलिस ने जांच शुरू की। रविवार रात 9 बजे करनाल ट्रैफिक पुलिस में कार्यरत कैथल की रहने वाली प्रीति ने पुलिस को सूचना दी कि उसके देवर मनीष का पेपर यमुनानगर में था। कैथल के संजय के जरिए कपिल से प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में मदद के लिए 6 लाख रुपए में सौदा हुआ था। 3 लाख पहले दे दिए थे। मनीष परीक्षा देकर सेंटर से बाहर आया तो प्रीति को बताया कि उसकी कोई मदद नहीं हुई। प्रीति ने कपिल को फोन कर पैसे वापस मांगे। कपिल को यमुनानगर बस स्टैंड पर बुलाया। प्रीति ने सूचना पुलिस को भी दे दी, क्योंकि उसे पता था कि कपिल पैसे नहीं देगा। जैसे ही कपिल व धर्मेंद्र दो कारों में पहुंचे, पुलिस गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ आईपीएस की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (साजिश रचने) और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

वॉट्सऐप पर गैंग : एडमिट कार्ड रोहतक, झज्जर कैथल के परीक्षार्थियों के

यह पूरा गिरोह वॉट्सऐप से चल रहा था। आरोपियों से मिले 75 एडमिट कार्ड में ज्यादातर रोहतक, झज्जर और कैथल जिले के परीक्षार्थियों के हैं। इनके सेंटर यमुनानगर व करनाल में थे। दो बुकलेट, प्रिंटर, 6 मोबाइल, 2 कार सहित अन्य सामान भी मिला है।

झज्जर एसपी की ओर से यमुनानगर एसपी को भेजे इनपुट में बताया गया है कि एक इंटरसेप्शन में आरोपी कपिल ने कबूल किया है कि चंडीगढ़ में सर्वेक्षण टीम को 67 लाख रु. का भुगतान किया गया है। यह टीम परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए होती है। हालांकि, एचएसएससी चेयरमैन भारतभूषण भारती ने इन आरोपों को निराधार बताया है।

डीएसपी रणधीर का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि पेपर लीक हुआ या नहीं। आरोपी कपिल पिछले साल दिसंबर में क्लर्क भर्ती पेपर लीक के मास्टरमाइंड जितेंद्र सिवाच का भाई है। धर्मेंद्र उसके साथ रहता है। इस मामले में भी जितेंद्र को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस को उसकी तलाश है।

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