सूरत से 450 किमी दूर इंदौर 110 मिनट में पहुंचा हार्ट, योगेश बन सकेगा सिपाही
सूरत

  • सूरत.अंगदान में पूरे देश में अव्वल सूरत ने शुक्रवार को एक नया इतिहास बना दिया। ब्रेनडेड हो चुके 47 वर्षीय कचरा भाई के हार्ट को 110 मिनट में 450 किमी दूर इंदौर पहुंचाकर 21 साल के योगेश को ट्रांसप्लांट किया गया। सूरत से दूसरे प्रदेश में हार्ट ट्रांसप्लांट का यह पहला मामला है। हार्ट के साथ किडनी, लीवर और कॉर्निया दान से 6 लोगों को नया जीवन मिलेगा।


    पांडेसरा निवासी तेलुगू समाज के कचरा भाई गंगाराम मोरे की बाइक 15 अगस्त को बाटली ब्वाॅय सर्किल के पास फिसल गई। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के लिए उन्हें उधना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें 16 अगस्त को मेंटास ऑफ सेवन डे एडवंटिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज होने का पता चला। 17 अगस्त को न्यूरो सर्जन डॉ. किरीट शाह और न्यूरो फिजिशियन डॉ. परेश झाझमेरा ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया। परिजनों को समझाया गया तो वे अंगदान के लिए तैयार हो गए।

    डॉक्टरों ने अहमदाबाद के आईकेडीआरसी हॉस्पिटल को संपर्क किया गया। यहां किडनी और लीवर लेने की बात हुई, लेकिन हार्ट का कोई पेशेंट न होने की बात कही गई। इसके बाद सिम्स और स्टेयलिंग हॉस्पिटल को भी संपर्क किया गया। यहां भी हृदय की जरूरत नहीं थी। बाद में रोटो के डॉक्टर ने इंदौर के सीएचएल हॉस्पिटल में हृदय की वेटिंग के बारे में बताया। सीएचएल हॉस्पिटल से संपर्क कर हृदय लेने के लिए कहा गया।
    जीवनदान : हार्ट के अलावा किडनी और लीवर से तीन को मिली जिंदगी

    कचरा भाई के अंगदान से एक किडनी अहमदाबाद निवासी 32 वर्षीय जयेश महेंद्र भाई ठक्कर को, दूसरी मध्यप्रदेश के नागदा निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल को, जबकि लीवर वडोदरा निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मोहन भाई प्रजापति को ट्रांसप्लांट किया गया। ये सभी ट्रांसप्लांट अहमदाबाद के आईकेडीआरसी हॉस्पिटल में किए गए, जबकि कॉर्निया आई बैंक में रखे गए।
    ऐसा रहा सफर : 10.20 बजे हॉस्पिटल से निकले और 12.10 बजे हुआ ट्रांसप्लांट

    सूरत के अस्पताल से सुबह 7.30 बजे कचरा भाई को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। 10.20 बजे सूरत एयरपोर्ट रवाना, 10.33 बजे सूरत एयरपोर्ट पहुंचे, 10.40 बजे प्राइवेट प्लेन से इंदौर रवाना, 11.50 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे, 11.55 बजे पर सीएचएल हॉस्पिटल रवाना और 12.10 बजे ऑपरेशन थिएटर में हार्ट लाया गया।
    योगेश सरोज बनना चाहता है सिपाही
    इंदौर का 21 वर्षीय योगेश सरोज सिपाही बनना चाहता है। छह माह पहले व्यायाम के दौरान उसके सीने में दर्द उठा था। जांच में पता चला कि उसकी हृदय गति महज 15 से 20 फीसदी ही है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। सूरत के कचरा भाई का हृदय योगेश को ट्रांसप्लांट किया गया।

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