किसान क्रांति: कच्चा-पक्का हर रास्ता जाम, 4000 लोग बेराेजगार हुए, 40 करोड़ का कारोबार ठप
सीकर

सीकर.कर्ज माफी सहित 11 मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का चक्काजाम दूसरे दिन भी जारी रहा। दो दिन तक चक्काजाम होने के चलते आमजन को भारी परेशानी हो रही है। किसान राष्ट्रीय राजमार्ग 52, सहित कस्बे व जिले के सभी कच्चे-पक्के रास्ते जाम कर बैठे हुए हैं। इससे रोडवेज, निजी बस, ट्रक, निजी वाहन सब ठप हैं। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम किया और जिलेभर में कहीं कोई अव्यवस्था नहीं फैली। अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल एबुलेंस, मरीजों के वाहनों, बारात को हर जगह से निकाला गया। बाजारों में अन्य दिनों की बजाय खरीदारी आधी से भी कम रही। बहुत से व्यापारियों ने बंद नहीं होने के बावजूद अपने प्रतिष्ठान स्वत: ही बंद रखे। 500 से ज्यादा पुलिकर्मियों का फोर्स तैनात रहा...

- बड़े नेताओं के जयपुर में वार्ता के लिए जाने के बाद भी महापड़ाव पर किसान बैठे रहे। किसानों के बीच कविता पाठ का दौर चलता रहा। किसानों ने कविताओं के जरिए सरकार के प्रति नाराजगी जताई। दी बार एसोसिएशन ने महापड़ाव के समर्थन में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिलेभर में न्यायिक कर्मचारी किसानों के समर्थन में शामिल रहे।

- जयपुर रोड पर सोमवार रात तक 500 से ज्यादा पुलिकर्मियों का फोर्स तैनात रहा। जिसमें एसटीएफ, आरएसी, कोबरा व पुलिस के जवान शामिल थे। मंगलवार को करीब 50 पुलिसकर्मियों का फोर्स ही मौजूद रहा। बाजार में भी पुलिस ने बेरिकेट्स हटाए। जिससे दिनभर मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रही।

मंडी में आवक नहीं होने से सब्जियों के भाव हुए दोगुने, दूध भी 70 से 80 रु. किलो बिका

- दो रोज से शहर के चार हजार लोग बेरोजगार हैं, क्योंकि चक्का जाम के कारण शहर में तीन हजार ऑटो, 70 सिटी बस नहीं चल पा रही है। - 700 थड़ी चालक, 600 फेरी वाले काम पर नहीं जा सके। वहीं 300 टी स्टॉल नहीं लग पाई। ये सभी लोग रोजमर्रा की आमदनी से परिवार चलाते हैं।

- वहीं खरीदारी नहीं होने के कारण दो रोज में करीब 40 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो चुका है। चक्का जाम के दूसरे दिन दोपहर तक आम आदमी पर इसका असर सामने आने लगा।

- पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की ओर है। क्योंकि ऑयल डिपो से सप्लाई देने वाली गाडिय़ां पंप तक नहीं पहुंच पा रही है। बाजार में कई दुकानदार दूध-सब्जी सहित अन्य रोजमर्रा की चीजों पर तय कीमत से ज्यादा पैसा वसूल कर रहे हैं।

- दो दिन से किसान जयपुर रोड पर चक्का जाम किए हुए हैं। इसके अलावा किसानों ने बाहरी इलाके सील कर रखे हैं। करीब एक हजार चालक दूर दराज से आकर शहर में रह रहे हैं। जो ऑटो किराए पर लेकर मजदूरी कर रहे हैं। कमाई नहीं होने के बावजूद ऑटो मालिक को रोजाना पैसा देना पड़ रहा है। ऐसे में इन्हे दोगुना नुकसान उठाना पड़ रहा है।

- दूध-सब्जी

दो दिन से चक्काजाम के चलते पलसाना सरस डेयरी में संकलन केंद्रों से दूध नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं कृषि उपज मंडी सीकर सहित अन्य मंडियों में सब्जियां, फल व अन्य कृषि जींस नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। आमजन को सबसे ज्यादा दूध के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बाजार में दूध 70 से 80 रुपए प्रति किलो तक बिका। अन्य रोजमर्रा की वस्तुएं भी डेढ़ गुना दाम पर बिकी।

- स्कूल-कॉलेज

दो रोज से स्टूडेंट स्कूल, कॉलेज, कोचिंग नहीं जा पा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों एक से दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच पाए।

- वाहन

दूसरे दिन मंगलवार को भी सिल्वर जुबली रोड सील रही। बजरंग काटा के पास से कल्याण सर्किल तक बैरिकेडिंग लगी रही। हालांकि पुलिस जाब्ते में कुछ कमी की गई।

- सरकारी कार्यालय

सरकारी ऑफिसों में भी कामकाज करवाने वालों की संख्या में पहले की तुलना कमी आ रही है। क्योंकि जिला मुख्यालय पर बाहरी इलाकों से लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं।

सीकर सहित 6 जिलों में आवागमन बाधित

सीकर में चक्का जाम के कारण चूरू, झुंझुनूं, बीकानेर, श्रीगंगानगर, नागौर जाने वाले रास्तों पर आवागमन बाधित रहा। इन जिलों में किसान चक्का जाम व प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर, बारात की गाड़ियों को पास व स्टीकर लगाकर जाम से निकाला जा रहा है। पूर्व पार्षद एडवोकेट कय्यूम कुरैशी ने बताया कि सीकर से मंगलवार को एक बारात लोसल गई और दो बारात चौमूं व नवलगढ़ से सीकर आई। बारातियों की बसों और वाहनों को एक साथ आने को कहा 

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