3 साल में हरियाणा सरकार की तीसरी बड़ी नाकामी, इस बार जिम्मेदार हैं ये 5
पंचकूला/चंडीगढ़.

पंचकूला/चंडीगढ़. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को रेप केस में दोषी ठहराया गया। 15 साल पुराने केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। इसके 10 मिनट बाद पंजाब-हरियाणा में डेरा अनुयायी हिंसक हो गए। 2 साल में खट्‌टर सरकार की ये तीसरी बड़ी नाकामी है। इस बार के जिम्मेदार ये पांच लोग है। क्योंकि हरियाणा में 20 विधानसभा सीटों पर राम रहीम के समर्थकों का प्रभाव है। इनमें से 7 सीटें डेरे की बदौलत जीती है बीजेपी।

1) सीएम मनोहर लाल खट्टर: जिसेब्रांड एंबेसडर बनाया था, तो कार्रवाई के लिए ये हाथ कैसे खुलते

- खट्‌टर सरकार ने रेप के आरोपी होने के बावजूद डेरामुखी को स्वच्छता मिशन का ब्रांड एंबेसेडर बनाया। हजारों डेरा प्रेमी पंचकूला में जुटते रहे, लेकिन सख्त कदम उठाने के आदेश देने से बचते रहे।

- डेरा प्रमुख से अनुयायियों को वापस चले जाने की अपील तो कराई, लेकिन तब तक मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद की जा चुकी थीं। चार घंटे बाद सीएम ने सफाई दी। कहा-हमने रात को सेक्टर-1 से 21 तक डेरा समर्थकों को हटा दिया था। जबकि, सभी वहीं मौजूद थे।

2) मंत्री रामविलास शर्मा: भीड़ जुटने पर कहा-श्रद्धा पर धारा-144 नहीं लगेगी

- पिछले दिनों शर्मा डेरामुखी के जन्मदिन पर उसके चरणों में दंडवत प्रणाम करते नजर आए।

- धारा-144 को लेकर बयान दिया कि डेरा प्रेमी शांतिप्रिय हैं। श्रद्धा पर धारा 144 लागू ही नहीं होती। इससे अफसरों में भ्रम की स्थिति बनी। डेरा समर्थक पंचकूला के भीतर पहुंच गए और पुलिस ने उन्हें रोका तक नहीं।

- सियासी नजरिए से बीजेपी नेताओं की डेरामुखी जगजाहिर है। इलेक्शन के दौरान भी रामविलास ने डेरामुखी से समर्थन मांगा था।

3) एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रामनिवास: धारा-144 में गलती, इन्हें आखिर तक पता नहीं चला

- पुलिस, सीआईडी, केंद्र के साथ कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी थी। धारा-144 में ये जिक्र नहीं था कि लोग जमा नहीं हो सकते। हजारों लोग पंचकूला में इकट्‌ठा हो गए, लेकिन रामनिवास ने एक बार भी नहीं सोचा कि पाबंदी के बावजूद ऐसा कैसे हो रहा है।

- तीन अस्थायी जेल बनाई गईं, लेकिन डेरा प्रेमियों को शहर के बीच ही रहने दिया गया।

4) DGP बीएस संधू:डेरा समर्थकों को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश नहीं माने

- लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने में फेल हुए। हाईकोर्ट ने गुरुवार सुबह 10:15 बजे डेरा प्रेमियों को खदेड़ने के ऑर्डर मिले, लेकिन शुक्रवार सुबह तक एक भी व्यक्ति को नहीं हटाया। बावजूद इसके कि वे खुद भी मौके पर गए।

- पुलिस पार्को-सड़कों में ही सो गई और डेरा प्रेमी पंचकूला के कई सेक्टरों में घुस गए। इन्हीं लोगों ने सेक्टरों में तोड़फोड़ की।

5) CID चीफ अनिल राव: हिंसा से जुड़े इनपुट थे, लेकिन किया कुछ नहीं

- डेरामुखी पर फैसला आने के बाद डेरा समर्थकों की हिंसक प्रतिक्रिया संबंधी तमाम इंटेलिजेंस इनपुट देने की जिम्मेदारी थी। संभवत: इसमें तालमेल का अभाव रहा। हिंसा के इनपुट का सही इस्तेमाल नहीं किया गया।

- सूचनाएं तो यहां तक थीं कि बलिदानी जत्थे भी तैयार किए गए थे। लेकिन, हिंसा रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

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