वाराणसी पुलिस ने किया हत्या का खुलासा
प्रभु साहनी की हत्या के लिए चचेरे भाई ने दी थी तीन लाख की सुपारी

बनारस में सपा नेता प्रभु साहनी की हत्या में शामिल दस-दस हजार के इनामी दो शूटर रिजवान अंसारी और अफरोज अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से नाइन एमएम की पिस्टल, .32 बोर की पिस्टल, तीन कारतूस बरामद कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने खुलासा किया है कि हत्या में उसके ताऊ के तीन लड़कों के अलावा भाड़े के दो इनामी शूटर भी शामिल थे। प्रभु की हत्या की सुपारी तीन लाख में तय कर 30 हजार रुपये और दो पिस्टल दी गई थी।

पुलिस के अनुसार दोनों चौबेपुर क्षेत्र के एक कारोबारी की हत्या करने की फिराक में गए थे लेकिन उससे पहले ही दबोच लिए गए। चौक थाना क्षेत्र सिंधिया घाट पर 11 मई को बंगाली टोला निवासी प्रभु साहनी की हत्या कर दी गई थी।

मामले के आरोपी प्रभु के ताऊ के बेटे शिव कुमार निषाद, जितेंद्र और विनोद अदालत में समर्पण कर चुके हैं। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से तस्दीक की तो सामने आया कि प्रभु को गोली मारने वालों में भाड़े के शूटर रिजवान और अफरोज भी शामिल थे।

एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार की आधी रात बाद थानाध्यक्ष चौबेपुर ओम नारायण सिंह को सूचना मिली थी कि शाहपुर नहर पुलिया के पास संदिग्ध प्रतीत हो रहे दो लोग मौजूद हैं।

उधर, सर्विलांस की मदद से इंस्पेक्टर चौक राहुल शुक्ला को भी रिजवान और अफरोज के शाहपुर नहर पुलिया के समीप मौजूद होने की जानकारी मिली। थानाध्यक्ष चौबेपुर और इंस्पेक्टर चौक की संयुक्त टीम ने छापामारी कर दोनों को गिरफ्तार किया।


दोनों ने पूछताछ में सामने आया कि रिजवान वर्ष 2016 में पुलिस मुठभेड़ में जेल भेजा गया था। उसने बताया कि शिव ने प्रभु की हत्या की सुपारी तीन लाख में कचहरी आने-जाने और जिला जेल में निरुद्ध बदमाशों की शह पर तय हुई थी।

शिव ने कहा था कि वह बताएगा कि उसकी मौजूदगी में कब और कहां वारदात को अंजाम देना है। 11 मई को प्रभु की हत्या के बाद दोनों शहर और आसपास के इलाके में छिप कर रहे थे। शुक्रवार की सुबह चौबेपुर क्षेत्र के एक व्यापारी की हत्या करने की योजना थी लेकिन उससे पहले पकड़े गए।

रिजवान ने बताया कि उसका सगा भाई एजाज उर्फ सोनू अंसारी इस समय आजमगढ़ जेल में निरुद्ध है। उसी से प्रभावित होकर वह जरायम जगत की ओर आकर्षित हुआ।

रिजवान के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में सात से अधिक मुकदमे जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। वहीं, अफरोज के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में बनारस और चंदौली जिले में पांच से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

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