हरिद्वार: जी आई जी किट्टी वाले फरार
करोड़ो लेकर फरार
शहर के लोगों ने मार्ट के बाहर किया जम कर हंगामा
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, ली मामले की जानकारी
भाजपा नेता के मार्ट में संचालित हो रहा था किटी कारोबार

जीआईजी मार्ट सरदार साहब की आड़ में किटी यानि लाटरी संचालित करने वाला दम्पति शहर के हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर चम्मत हो गया। बताया जा रहा हैं कि प्रारम्भिक जानकारी पर करीब चार से पांच करोड़ लेकर फरार होने की बात सामने आ रही है।लेकिन इस की संख्या अधिक भी हो सकती है। दम्पति की मंशा का उस वक्त पता चला, जिन लोगों की किटी पूरी हो चुकी थी वह अपने पैसे लेने पहुंचे थे। लेकिन घण्टों इंतजार करने पर भी उनके पैसे नहीं दिये गये और किटी संचालनकर्ता के फोन भी स्वीच आॅफ मिले। जैसे ही उनको दम्पति के पैसे लेकर फरार होने की भनक लगी तो उन्होंने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इस बात की भनक पूरे शहर में आग की तरह फैल गयी और किटी डालने वाले सैकड़ों लोगों का हुजूम मार्ट के बाहर लग गया। जिस की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराते हुए मामले की जानकारी समाचार लिखे जाने तक पीडितों से ली रही थी। बताते चले कि पिछले दो वर्षो से सरदार सर्वजीत व उसकी प​त्नी निशी किटी यानि लाटरी संचालित करने का धंधा करते आ रहे है। जिनके यहां पर शहर भर के लोगों ने किटी डाली हुई है। जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। बताया जा रहा हैं कि दम्पति ने किटी 21, 25, 26 माह की शुरू की हुई है। जिसमें प्रति सदस्यों से एक हजार रूपये प्रतिमाह लिए जाते है। एक—ए​क किटी में करीब 120 सदस्य रखे जाते है। यह एक ग्रुप के दम्पति ने करीब चार सौ ग्रुप चला रखे है। हर ग्रुप की प्रतिमाह किटी खोली जाती है। जिसमें 120 सदस्य हिस्सा लेते है। जिनमें पर्ची सिस्टम रखा गया है। पर्ची सिस्टम से केवल एक सदस्य की किटी निकाली जाती है। माह में चार किटी खोली जाती है। यदि जिस सदस्य की किटी पर्ची से निकल जाती हैं तो उसको पूरे पैसे दे दिये जाते है। जैसे कि किसी सदस्य की 21 माह की किटी हैं और उसने पहली ही ​किस्त दी हैं यदि उसकी पर्ची निकल आती हैं। तो उसको 21 हजार रूपये दे दिये जाते है। यही चैन 21 माह तक बनी रहती है। उसके बाद जिस सदस्य की किटी नहीं निकलती हो किटी का समय पूरा होने पर उसको पूरे पैसे के साथ—साथ एक हजार रूपये ब्याज के तौर पर दिये जाते है। बताया जा रहा हैं कि शहर भर के हजारों लोग दम्पति द्वारा संचालित किटी से जुडे थे। जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। जिन्होंने एक नहीं पांच—पांच किटी डाली हुई थी। दम्पति के पैसे लेकर फरार होने की भनक उस वक्त लगी, जब तीन बजे एक किटी खोली गयी। जिसमें करीब 120 सदस्यों ने हिस्सा लिया और एक व्यक्ति की पर्ची से किटी निकल गयी उसको पैसे देकर भे दिया गया। लेकिन जिन सदस्यों की किटी पूरी होने पर दम्पति द्वारा घण्टों इंतजार कराया गया। जब किटी सदस्यों ने दम्पति को फोन लगाया तो उनक फोन स्वीच आॅफ मिला। लोगों ने जीआईजी मार्ट कर्मियों से सम्पर्क कर किटी संचालनकर्ता दम्पति की जानकारी लेने का प्रयास किया गया। मगर उन्होंने भी सही जानकारी सदस्यों को नही दी। जब इस बात का पता लोगों को लगा कि दम्पति पैसा लेकर फरार हो गये, तो उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया। इस बात की जानकारी आग की तरह शहर भर में फैल गयी कि किटी सचांलनकर्ता पैसे लेकर फरार हो गये। तो सैकड़ों लोगों का हुजूम रसीदे लेकर मार्ट के बाहर हंगामा करने लगे। जिसकी भनक पुलिस को लगी तो पुलिस बल मौके पर पहुंंचा और लोगों से मामले की जानकारी ली। बताया जा रहा हैं कि किटी संचालिका निशी मार्ट में मौजूद थी। जोकि पीछे के रास्ते कोतवाली पहुंच गयी। लेकिन इस बात की पुष्टि अधिकारिक तौर पर समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। बताया जा रहा हैं कि दम्पति ने भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद का मार्ट किराये पर ले रखा था। ​नेता जी को जब मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने खुद मौके पर जाने की बजाय अपने मित्रों को वहां भेजकर सही स्थिति की पल पल की जानकारी ली। उनको डर था कि यदि भीड बेकाबू हुई तो उनकी सम्पति को नुकसान हो सकता है। इसलिए वह अपनी सम्पति को बचाने के लिए मौके पर मौजूद ​अपन शुभचितंकों के सम्पर्क में थे। पुलिस अघिकारी भी मौके पर कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे। बताया जा रहा हैं कि कई पीडितों ने कोतवाली नगर पहुंंचकर दम्पति के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कराने की तैयारी में देखे गये। समाचार लिखे जाने तक पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations



Disqus Conversations